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स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 में वेस्ट इंडीज़ का विजयी अभियान जारी है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने ज़िम्बाब्वे को 107 रनों से करारी शिकस्त देकर ग्रुप 1 में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। इस मुकाबले में शिमरोन हेटमायर की विस्फोटक पारी और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने मैच का रुख एकतरफा कर दिया। जीत के बाद हेटमायर ने टीम के भीतर बढ़ती एकजुटता और सकारात्मक माहौल को सफलता की बड़ी वजह बताया।

हेटमायर-पॉवेल की तूफानी बल्लेबाजी

पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्ट इंडीज़ ने 20 ओवर में 254/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो T20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा टोटल है। शिमरोन हेटमायर ने महज 34 गेंदों में 85 रनों की आक्रामक पारी खेली। उनकी इस पारी में टूर्नामेंट की सबसे तेज़ 19 गेंदों में अर्धशतक भी शामिल रहा। रोवमैन पॉवेल ने भी 35 गेंदों में 59 रन बनाकर शानदार साथ दिया। दोनों के बीच तेज़ साझेदारी ने ज़िम्बाब्वे के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। आखिरी ओवरों में जेसन होल्डर और शेरफेन रदरफोर्ड के कैमियो ने टीम को 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

“हम नेट्स में एक-दूसरे को चैलेंज करते हैं” : हेटमायर

प्लेयर ऑफ द मैच रहे हेटमायर ने मैच के बाद टीम की मानसिकता पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अब टीम के खिलाड़ी एक-दूसरे के साथ ज्यादा खुलकर संवाद करते हैं और नेट्स में भी प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखते हैं। उनके अनुसार, पहले कुछ खिलाड़ी खुलकर बात नहीं करते थे, लेकिन अब सभी एक-दूसरे को बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाहर ला रही है। हेटमायर ने अपनी बल्लेबाजी सोच पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि वह क्रीज़ पर ज्यादा सोचने के बजाय स्वाभाविक खेल पर भरोसा करते हैं। उनका फोकस फील्ड प्लेसमेंट पर नहीं, बल्कि गेंद को ताकत से हिट करने पर रहता है।

जिम्बाब्वे की पारी 147 पर सिमटी

255 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ज़िम्बाब्वे की शुरुआत लड़खड़ाती रही। हालांकि ब्रैड इवांस ने 21 गेंदों पर 43 रन बनाकर कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। स्पिनर गुडाकेश मोती ने 4 ओवर में 28 रन देकर 4 विकेट झटके और मिडिल ऑर्डर को पूरी तरह तोड़ दिया। अकील होसेन और तेज गेंदबाजों ने भी सटीक लाइन-लेंथ के साथ दबाव बनाए रखा। पूरी टीम 17.4 ओवर में 147 रन पर ढेर हो गई।

नेट रन रेट में भारी बढ़त

इस बड़ी जीत के साथ वेस्ट इंडीज़ का नेट रन रेट +5.350 तक पहुंच गया है, जो ग्रुप 1 में सबसे बेहतर है। लगातार जीतों ने टीम को नॉकआउट की ओर मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है। टीम का संतुलन—आक्रामक बल्लेबाजी, विविध गेंदबाजी विकल्प और सकारात्मक ड्रेसिंग रूम माहौल—उन्हें इस टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार बना रहा है।