स्पोर्ट्स डेस्क : भारत ए और श्रीलंका ए के बीच दांबुला में खेले जा रहे त्रिकोणीय सीरीज 2026 के फाइनल में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। युवा बल्लेबाज ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत को तूफानी शुरुआत दिलाई।
11 गेंदों में अर्धशतक
रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराच्चिगे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए को वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक शुरुआत दिलाई।
15 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहली ही गेंद से आक्रामक तेवर दिखाए और मोहम्मद शिराज की गेंद पर चौका जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। इसके बाद उन्होंने चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने लॉन्ग ऑन के ऊपर अपना पांचवां छक्का लगाकर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
20 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका के कौशल्या वीरारत्ने (Kaushalya Weeraratne) का 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वीरारत्ने ने 2005-06 में 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। वैभव अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक
11 गेंद - वैभव सूर्यवंशी, भारत ए, 2026
12 गेंद - कौशल्या वीरारत्ने, रगामा क्रिकेट क्लब, 2005-06
13 गेंद - एनएलटीसी परेरा, श्रीलंका आर्मी स्पोर्ट्स क्लब, 2020-21
14 गेंद - रयान क्लेनवेल्ट, वेस्टर्न प्रोविंस, 2010-11
भारतीय रिकॉर्ड भी किया अपने नाम
वैभव सूर्यवंशी ने भारत का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक का भारतीय रिकॉर्ड सरफराज खान के नाम था, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में पंजाब के खिलाफ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाया था।अब वैभव 11 गेंदों में फिफ्टी लगाकर इस सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं।
खराब फॉर्म के बाद दमदार वापसी
फाइनल मुकाबले से पहले वैभव सूर्यवंशी का बल्ला कुछ खास नहीं चला था। उन्होंने त्रिकोणीय सीरीज की पिछली चार पारियों में 14, 44, 21 और 38 रन बनाए थे। इसके अलावा श्रीलंका ए के खिलाफ पिछले मुकाबले में खिलाड़ियों के साथ हुई नोकझोंक को लेकर भी वह चर्चा में रहे थे। हालांकि फाइनल में उन्होंने सभी आलोचनाओं का जवाब अपने बल्ले से दिया और शानदार अंदाज में वापसी की।
फाइनल मुकाबले की प्लेइंग 11
भारत ए: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विपराज निगम, अशोक शर्मा, यश ठाकुर।
श्रीलंका ए: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिडु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराच्चिगे (कप्तान), रविंदु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत वियासकांत, दुलाज समुधिता, कुगाथास माथुलन।