स्पोर्ट्स डेस्क : इंग्लैंड क्रिकेट में उस समय हलचल मच गई जब ऑलराउंडर Liam Livingstone ने टीम मैनेजमेंट और कोचिंग सेट-अप को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने खुलासा किया कि मौजूदा माहौल में खिलाड़ियों के साथ सही संवाद और सम्मान की कमी है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के इस खिलाड़ी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि टीम से बाहर किए जाने का तरीका उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा और इसने उनके करियर की दिशा को प्रभावित किया।
टीम से बाहर होने के बाद बढ़ी दूरी
लियाम लिविंगस्टोन ने आखिरी बार फरवरी 2025 में भारत के खिलाफ टी20 मुकाबला खेला था।इसके बाद से वह इंग्लैंड की टी20 टीम से बाहर चल रहे हैं और उनकी जगह Will Jacks को लगातार मौके मिल रहे हैं। हालिया टी20 विश्व कप 2026 में भी जैक्स ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी जगह और मजबूत कर ली, जिससे लिविंगस्टोन की वापसी मुश्किल नजर आ रही है।
एक मिनट की कॉल ने किया हैरान
लिविंगस्टोन ने बताया कि मार्च 2025 में खराब फॉर्म के चलते उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। हालांकि, जिस तरीके से यह जानकारी दी गई, उसने उन्हें चौंका दिया। उनके मुताबिक, इंग्लैंड के मुख्य कोच Brendon McCullum का फोन आया, जो एक मिनट से भी कम समय तक चला। जब उन्होंने बाहर किए जाने की वजह पूछी, तो उन्हें सिर्फ इतना कहा गया कि टीम किसी और खिलाड़ी को मौका देना चाहती है।
चयनकर्ता और कप्तान से भी नहीं मिला सहयोग
लिविंगस्टोन ने यह भी खुलासा किया कि चयनकर्ता Luke Wright ने उनसे इस बारे में कोई बातचीत नहीं की। वहीं टीम के कप्तान Harry Brook ने केवल एक संदेश भेजकर औपचारिकता पूरी की। उनका मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने टीम के अंदर संवाद की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ECB प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
लिविंगस्टोन ने Rob Key (ECB के मैनेजिंग डायरेक्टर) पर भी संवाद की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनसे भविष्य को लेकर स्पष्ट बातचीत नहीं की गई और लंबे समय तक कोई संपर्क नहीं हुआ। इस अनुभव को उन्होंने ‘आंखें खोल देने वाला’ बताया।
टीम माहौल पर गंभीर टिप्पणी
इंग्लैंड के इस ऑलराउंडर ने टीम के माहौल को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी टीम का हिस्सा होता है, तो सब कुछ सामान्य रहता है, लेकिन जैसे ही वह बाहर होता है, उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह बयान इंग्लैंड क्रिकेट के मौजूदा ड्रेसिंग रूम कल्चर पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
मदद मांगने पर मिला अलग जवाब
लिविंगस्टोन ने चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान अपने संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कोचिंग स्टाफ से मदद मांगी, तो उन्हें कहा गया कि वह ‘बहुत ज्यादा परवाह’ करते हैं और उन्हें शांत रहने की जरूरत है। उनके मुताबिक, खराब फॉर्म के दौरान चिंतित होना स्वाभाविक है और ऐसे समय में सही मार्गदर्शन मिलना जरूरी होता है।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
लगातार टीम से बाहर रहने और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिविंगस्टोन की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा कोचिंग सेट-अप में उनकी वापसी की संभावना कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं और भविष्य में मिलने वाले किसी भी मौके के लिए तैयार रहेंगे।