दोहा कतर ( निकलेश जैन ) पिछले 12 सालों से दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी नॉर्वे के मैगनस कार्लसन नें विश्व शतरंज में रैपिड और ब्लिट्ज के डबल खिताब अपने नाम करते हुए अपने कुल विश्व खिताब की संख्या 20 पहुँचा दी है और हमेशा की तरह यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले खिलाड़ी है , कार्लसन नें पाँच बार क्लासिकल , नौ बार ब्लिट्ज और छह बार रैपिड महत्वपूर्ण बात यह की कार्लसन के बाद सबसे ज़्यादा विश्व खिताब हासिल करने के मामले में भारत के विश्वनाथन आनंद का नंबर आता है जिनके पास कुल 7 विश्व खिताब है जिनमें पाँच क्लासिकल और 2 रैपिड खिताब है ।
पंजाब केसरी के प्रतिनिधि निकलेश से बात करते हुए कार्लसन नें बताया की यह उनके लिए फटाफट शतरंज के फ़ॉर्मेंट में सबसे मुश्किल विश्व खिताबों में से एक था , उन्होंने कहा की 2017 का रैपिड ब्लिट्ज खिताब और इस बार उनके लिए सबसे मुश्किल खिताब है ।

उन्होंने फ़ाइनल मुक़ाबले में पहली बाजी अब्दुसत्तारोव से हारने के बाद वापसी के बारे में कहा की दूसरी बाजी में घोड़े के एंडगेम में उन्होंने कैमरे की और देखकर मुस्कराया था क्यूंकि उन्हें यह महसूस हो गया था की वह अब बाजी जीत जाएँगे ।
वहीं रैपिड मुक़ाबले में मिली एकमात्र हार के बारे में उन्होंने कहा की रूस के आर्टेमिव के ख़िलाफ़ वह अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे और आर्टेमिव ने अच्छा खेल दिखाया था और वह जीत के हकदार थे ।
उन्होंने जर्मनी में फ्री स्टाइल शतरंज में 9 में से 9 अंक बनाने को अपना 2025 का सबसे यादगार लम्हा बताया तो उन्होंने कहा की 2025 में उनकी शादी होना और उनका पिता बनना उनके सबसे यादगार पल रहेंगे ।
मैगनस नें विश्व टोटल शतरंज चैंपियनशिप को अपना अगला लक्ष्य बताया और साथ ही कहा की वह एक साल में तीन से ज़्यादा क्लासिकल टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे ।