अहमदाबाद : आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson ने अपनी शानदार वापसी का राज साझा किया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल जीत के बाद सैमसन ने खुलासा किया कि भारतीय टीम के हेड कोच Gautam Gambhir की एक सलाह ने उनका आत्मविश्वास वापस दिलाया। टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सैमसन ने 321 रन बनाए और भारत को तीसरा टी20 वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
गंभीर की सलाह से मिली नई शुरुआत
संजू सैमसन ने बताया कि सुपर एट्स के दौरान जिम में उनकी मुलाकात गौतम गंभीर से हुई थी। उसी समय गंभीर ने उन्हें कहा कि वह ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अगले मैच के लिए तैयार रहें। यह शब्द सैमसन के लिए बेहद अहम साबित हुए। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह तैयार थे और लंबे समय से ऐसे मौके का इंतजार कर रहे थे। कोच के भरोसे ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और उन्होंने मौके को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
वेस्टइंडीज मैच से बदली कहानी
सैमसन की असली वापसी वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले से शुरू हुई, जहां उन्होंने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया। उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ दमदार बल्लेबाजी की और फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89 रन बनाकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पूरे टूर्नामेंट में सैमसन ने 80.25 की औसत और लगभग 199 के स्ट्राइक रेट से कुल 321 रन बनाए। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
टीम में जगह के लिए संघर्ष पसंद नहीं
संजू सैमसन ने एक दिलचस्प बात भी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने ही टीम के साथियों के साथ जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करना पसंद नहीं है। उनका मानना है कि जब पूरी टीम एक लक्ष्य के लिए साथ खेलती है, तब वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि जब वह सिर्फ टीम में जगह के लिए लड़ रहे होते हैं, तब उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं होता। लेकिन जब टीम का लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना हो, तब वह पूरी ऊर्जा के साथ मैदान में उतरते हैं।
कठिन दौर से भी गुजरे सैमसन
सैमसन ने अपने करियर के मुश्किल दौर के बारे में भी खुलकर बात की। 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के दौरान उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। इसके अलावा न्यूजीलैंड सीरीज के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय वह कई दिनों तक बिस्तर से भी नहीं उठ पाए। हालांकि, उन्होंने अपनी भावनाओं को स्वीकार किया और खुद के साथ ईमानदार रहते हुए दोबारा मेहनत शुरू की। यही ईमानदारी और आत्मविश्वास उन्हें फिर से सफलता की राह पर ले आई।
वरुण चक्रवर्ती और टीम का योगदान
भारत की जीत में स्पिनर Varun Chakravarthy का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 14 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। चक्रवर्ती ने भी इस जीत का श्रेय कप्तान Suryakumar Yadav और कोच गौतम गंभीर को दिया, जिन्होंने हर परिस्थिति में उन पर भरोसा बनाए रखा।
टीम स्पिरिट से मिली सफलता
विकेटकीपर बल्लेबाज Ishan Kishan ने भी बताया कि टीम ने हमेशा एक-दूसरे पर भरोसा किया। उनका कहना था कि हर खिलाड़ी का खराब दिन हो सकता है, लेकिन टीम का समर्थन ही खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की ताकत देता है।