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नई दिल्ली : डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान साथ में समय बिताने से सामूहिक मानसिकता तैयार हुई जिससे भारतीय पुरुष हॉकी टीम को तोक्यो ओलंपिक में मुश्किल चुनौती से पार पाने में मदद मिली। हाल के वर्षों में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन में हरमनप्रीत की भी अहम भूमिका रही है। 

तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले हरमनप्रीत को एफआईएच का 2021 का सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी चुना गया। हॉकी इंडिया के पोडकास्ट ‘हॉकी ते चर्चा' में हरमनप्रीत ने तोक्यो ओलंपिक में टीम की सफलता पर बात की। हरमनप्रीत ने कहा कि पिछले साल ओलंपिक से पहले लॉकडाउन के दौरान हमारी टीम ने काफी समय एक साथ बिताया। यह मुश्किल स्थिति थी क्योंकि हम लॉकडाउन के शुरुआती हफ्तों में घर नहीं जा पाए लेकिन उस मुश्किल समय का एक साथ सामना करने से हमें पिछले साल ओलंपिक की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद मिली।

उन्होंने कहा कि कांस्य पदक के मुकाबले में जर्मनी जैसी टीम के खिलाफ 1-3 से पिछड़ने के बाद यह मुश्किल हालात में हमारी सामूहिक मानसिकता थी जिससे हम अंतत: जीत दर्ज कर पाए। वर्ष 2015 में पदार्पण के बाद से इस 26 साल के खिलाड़ी का दर्जा टीम में लगातार बढ़ा है और टीम का उप कप्तान बनाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह अतिरिक्त जिम्मेदारी का लुत्फ उठाते हैं। 

उन्होंने कहा कि कभी अतिरिक्त दबाव महसूस नहीं हुआ क्योंकि टीम में सभी एक दूसरे के साथ खुलकर बात करते हैं। बेशक मनप्रीत और श्री भाई (पीआर श्रीजेश) जैसे अन्य सीनियर खिलाड़ी ट्रेनिंग और मैच स्थिति के दौरान टीम का मार्गदर्शन करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी लेते हैं इसलिए यह पूरी टीम का सामूहिक प्रयास है।
 

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