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नई दिल्ली : सौरव गांगुली के बीसीसीआई के भावी प्रेसिडेंट घोषित होने पर पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उनकी तुलना पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान से कर दी है। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए शोएब ने कहा- इन दोनों में कॉमन बात यह थी कि वह नए टेलेंट को ढूंढते रहते थे। उनपर भरोसा करते थे। और सबसे बड़ी बात यह है कि उनके पास ऐसी आंख थी जोकि टेलेंट को ढूंढ सकती थी। जैसे इमरान ने पाकिस्तान के लिए वकार यूनिस, वसीम अकरम, इंजमाम उल हक, आकिब जावेद जैसा टेलेंट ढूंढा उसी तरह गांगुली ने भी अपने रहते वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, युवराज सिंह जैसे बेहतरीन क्रिकेटर दिए।

Sourav Ganguly said - The image of the board is bad, I will take the decision

वहीं, गांगुली के प्रेसिडेंट बनने से भारतीय क्रिकेट में आने वाले बदलाव पर चर्चा करते हुए अख्तर ने कहा-भारत में नया युग शुरू होने जा रहा। उन्होंने ख्वाहिश जताई कि गांगुली टेस्ट क्रिकेट को बचाएं। उन्होंने कहा कि गांगुली के पास अब ऐसी कमान आ गई है जिससे वह भारतीय क्रिकेट टीम का भविष्य तय कर सकते हैं। उनके प्रयास टेस्ट क्रिकेट को जिंदा रखने में बेहद सहायी होंगे।

अख्तर ने कहा कि गांगुली प्रतिभाशाली कप्तान रहे हैं। उनका यह रवैया उन्हें  बीसीसीआई प्रेसिडेंट के रूप में भी काम आएगा। उन्होंने गांगुली पर बात करते हुए कहा कि 1997 से पहले उन्हें कभी नहीं लगा था कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान से जीत सकती है। लेकिन जब गांगुली आए तो यह भ्रम टूट गए। गांगुली ने पाकिस्तान में 2004 में सीरीज जीती। इसके बाद टीम इंडिया काफी बेहतर हो गई। यह सब गांगुली की ही मेहनत थी।

Sourav Ganguly said - The image of the board is bad, I will take the decision

अख्तर ने गांगुली के बारे में बात करते हुए कहा कि वह निडर क्रिकेटर रहे। मैंने उनके साथ केकेआर मेंख्भी खेला है। वह हमारी टीम के कप्तान थे। एक बार मोहाली टेस्ट के दौरान मैंने कुछ गेंदें उनके शरीर का निशाना बनाकर भी फेंकी थी। दरअसल, उस वक्त हमारे कप्तान ने मुझे ऐसा करने को कहा था कि क्योंकि गांगुली कट शॉट में अच्छे थे लेकिन अगर बॉल उनके हिप पर आए तो वह उसे अच्छा नहीं खेल पाते थे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि वह मुझसे डरते थे। अगर वह मुझसे डरते होते तो कभी ओपनिंग पर ही नहीं आते।

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