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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बांग्लादेश की भागीदारी पर गहराते संकट के बीच स्कॉटलैंड क्रिकेट ने स्थिति साफ कर दी है। स्कॉटलैंड ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अब तक उनसे बांग्लादेश की संभावित जगह लेने को लेकर कोई संपर्क नहीं किया है।

क्रिकेट स्कॉटलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि वे खुद से कोई बातचीत शुरू नहीं करेंगे और इस पूरे मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के प्रति सम्मान बनाए रखेंगे।

ICC से कोई औपचारिक संपर्क नहीं: स्कॉटलैंड

BBC की रिपोर्ट के अनुसार, ICC की ओर से स्कॉटलैंड को किसी भी कंटिन्जेंसी प्लान के तहत संपर्क नहीं किया गया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि बोर्ड खुद को रिप्लेसमेंट टीम के तौर पर आगे बढ़ाने या लॉबिंग करने के पक्ष में नहीं है।

गौरतलब है कि स्कॉटलैंड फिलहाल 2026 टूर्नामेंट में शामिल न होने वाली सबसे ऊंची रैंकिंग वाली पुरुष टीम है। इसी वजह से बांग्लादेश की संभावित वापसी या बहिष्कार की खबरों के बाद स्कॉटलैंड का नाम सबसे पहले सामने आया। बावजूद इसके, स्कॉटलैंड प्रशासन का मानना है कि बिना औपचारिक ICC संवाद के कोई भी कदम उठाना अनुचित होगा।

बांग्लादेश की भागीदारी क्यों खतरे में है

यह संकट तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने औपचारिक रूप से अपनी ग्रुप स्टेज के मुकाबले कोलकाता और मुंबई से बाहर कराने की मांग की। BCB ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। हालांकि ICC ने अब तक शेड्यूल बदलने से इनकार किया है और 2027 तक लागू मेजबानी समझौतों का हवाला दिया है।

मामला तब और बिगड़ गया जब बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान को भारतीय बोर्ड के निर्देश पर IPL 2026 से बाहर कर दिया गया। इसके बाद BCB का रुख और सख्त हो गया और बोर्ड के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि राष्ट्रीय टीम भारत में अपने ग्रुप मुकाबले खेलने नहीं आएगी।

21 जनवरी की डेडलाइन, ICC पर बढ़ता दबाव

ICC सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश को 21 जनवरी तक अपनी भागीदारी की पुष्टि करने को कहा गया है। अगर तय समय तक जवाब नहीं मिला, तो ICC रैंकिंग के आधार पर रिप्लेसमेंट टीम चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

स्कॉटलैंड क्यों बन सकता है सबसे मजबूत विकल्प

नियमों के लिहाज़ से स्कॉटलैंड एक तार्किक विकल्प माना जा रहा है। टीम उन कई देशों से ऊपर रैंक पर है जिन्होंने क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए टूर्नामेंट में जगह बनाई है। इसके अलावा स्कॉटलैंड के पास वर्ल्ड कप खेलने का अनुभव भी है। इतिहास भी इसकी मिसाल देता है। 2009 टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड ने राजनीतिक कारणों से हटे जिम्बाब्वे की जगह इंग्लैंड में टूर्नामेंट खेला था।

हालांकि इस बार मामला कहीं ज्यादा जटिल है। अंतिम समय में किसी टीम के बदले जाने से ब्रॉडकास्ट डील, ग्रुप बैलेंस और कमर्शियल एग्रीमेंट्स पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि ICC बेहद सतर्क रवैया अपनाए हुए है और स्कॉटलैंड भी सार्वजनिक तौर पर दूरी बनाए हुए है।

ICC की दुविधा और आगे का रास्ता

ICC के सामने फिलहाल तीन ही विकल्प हैं: तय वेन्यू पर अड़े रहना और बांग्लादेश के हटने का जोखिम उठाना; मुकाबलों के वेन्यू बदलना, जिससे प्रशासनिक विवाद खड़ा हो सकता है, अगर बांग्लादेश हटता है तो स्कॉटलैंड जैसी टीम को रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल करना

फिलहाल ICC शेड्यूल में बदलाव के मूड में नहीं दिख रहा है, खासकर तब जब भारत-पाकिस्तान का हाई-प्रोफाइल मुकाबला श्रीलंका में तय हो चुका है।