स्पोर्ट्स डेस्क : 39 साल के रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में 110 गेंदों पर शानदार 138 रन बनाए जिससे भारत 388 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए 27 रन से हार गया और इंग्लैंड ने 2-1 से सीरीज जीत ली। शुरुआती दो मैचों में 11 और 26 रन बनाने के बाद रोहित के लॉर्ड्स में संन्यास की खबरें भी जोरों पर थी।
सितंबर तक भारत का कोई और वनडे मैच नहीं होना था और इस बात पर भी कोई स्पष्टता नहीं थी कि वह चयनकर्ताओं की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा रहेंगे या नहीं, इसलिए लॉर्ड्स का यह मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा था। उन्होंने अपने 34वें वनडे शतक के साथ इसका जवाब दिया, आदिल राशिद की गेंद पर स्लॉग-स्वीप शॉट खेलकर बाउंड्री लगाई और 84 गेंदों में शतक पूरा किया। उन्होंने कोई बहुत बड़ा जश्न नहीं मनाया गया। रोहित ने मुट्ठी हवा में लहराई, विराट कोहली को गले लगाया और भारतीय ड्रेसिंग रूम और स्टैंड में बैठे अपने परिवार की ओर बल्ला उठाया।
मैच के बाद इस पारी से जुड़ी एक दिलचस्प बात सामने आई। शतक बनाने के लिए रोहित ने जो बल्ला इस्तेमाल किया, वह उनके मुंबई के साथी खिलाड़ी शार्दुल ठाकुर का था। ठाकुर ने बताया कि रोहित ने पहले उनसे कुछ बल्ले मांगे थे, क्योंकि वह ऑलराउंडर को SS बैट्स से मिले बल्ले से प्रभावित थे। उन्हीं में से एक बल्ले का इस्तेमाल लॉर्ड्स में रोहित की यादगार पारी के दौरान किया गया।
ठाकुर ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, 'मेरा SS बैट्स के साथ करार है और जतिन सरीन (मालिक) ने मुझे बहुत अच्छे बल्ले भेजे हैं। रोहित ने एक बार मुझसे कुछ बल्ले मांगे थे क्योंकि उन्हें वे बहुत पसंद आए थे। हम सभी उन्हें बहुत पसंद करते हैं और उन्होंने क्रिकेट में हमें इतने खुशी के पल दिए हैं कि उन्हें बल्ला देने से मना करने का सवाल ही नहीं उठता। आज मुझे बहुत खुशी है कि उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मेरे ही एक बल्ले से अपना ऐतिहासिक शतक बनाया।' कमेंट्री के दौरान शार्दुल ठाकुर ने माना कि यह बल्ला उन्होंने ही रोहित को तोहफे में दिया था। ठाकुर ने मजाक में कहा, 'हां, वह मेरा बल्ला है। मैं यहां कमेंट्री बॉक्स में बैठकर भारत को अच्छी शुरुआत दिला रहा हूं।'
मुंबई के इन दोनों क्रिकेटरों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते की वजह से यह पल और भी खास बन गया। रोहित और ठाकुर एक ही स्कूल, स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में पढ़े थे और दिनेश लाड ने उन्हें कोचिंग दी थी। बाद में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व किया और मुंबई इंडियंस के लिए ड्रेसिंग रूम भी शेयर किया। नेशनल टीम में रहने के दौरान भारतीय टीम के साथी खिलाड़ी प्यार से ठाकुर को "लॉर्ड ठाकुर" कहते थे। हालांकि लॉर्ड्स में उनके बल्ले ने ही रोहित शर्मा को ऐसी पारी खेलने में मदद की जो उस मैदान के लिए बिल्कुल सही थी।