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स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व भारतीय स्पिनर Laxman Sivaramakrishnan ने अपने जीवन के मुश्किल दौर को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बहुत कम उम्र में ही उन पर शराब और ड्रग्स लेने के आरोप लगा दिए गए थे, जिससे उनकी छवि खराब हो गई और उन्हें डिप्रेशन का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा, 'लोगों को बुरी बातें फैलाने में मजा आता है। मेरे ज्यादातर टूर 16 से 19 साल की उम्र में हुए। उस उम्र में होटल में मुझे शराब कौन सर्व करता? मैंने जिंदगी में कभी ड्रग्स नहीं लिया।'

शादी के लिए भी नहीं आए रिश्ते

शिवरामकृष्णन ने बताया कि उनकी खराब छवि का असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ा। उनके माता-पिता ने शादी के लिए अखबार में विज्ञापन दिया था, लेकिन कोई रिश्ता नहीं आया। उन्होंने कहा, 'दो हफ्ते बाद जब पोस्ट बॉक्स खोला तो एक भी जवाब नहीं था। लोगों ने मेरी छवि इतनी खराब कर दी थी कि कोई अपनी बेटी की शादी मुझसे नहीं करना चाहता था।'

भारतीय टीम से बाहर होने का दर्द

शिवरामकृष्णन ने भारतीय टीम से बाहर होने का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं ने उनसे मीडिया से झूठ बोलने को कहा था। उन्होंने कहा, '1987 वर्ल्ड कप के बाद सिलेक्टर्स ने कहा कि प्रेस से कहो कि तुम फिट नहीं हो। मैंने मना कर दिया। मैंने कहा अगर बाहर करना है तो कर दो, लेकिन मैं झूठ नहीं बोलूंगा।'

डिप्रेशन और शराब की लत से जंग

क्रिकेट करियर खत्म होने के बाद उन्होंने कमेंट्री में काम किया, लेकिन कोविड लॉकडाउन के दौरान वह गहरे डिप्रेशन में चले गए। उन्होंने कहा, 'मैं पूरी तरह टूट चुका था। मैं खुद को आईने में भी नहीं देखना चाहता था। मैं सोने के लिए शराब पीता था क्योंकि मैं कुछ भी सहन नहीं कर पा रहा था।' 

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार उनके मन में आत्महत्या के विचार भी आए। 'कभी-कभी ऐसा लगता था कि चलती गाड़ी का दरवाजा खोलकर कूद जाऊं। लेकिन किसी चीज ने मुझे ऐसा करने से रोक लिया।'

मानसिक हालत इतनी खराब हो गई थी

शिवरामकृष्णन ने बताया कि डिप्रेशन के दौरान उन्हें डरावने ख्याल और चीजें दिखाई देती थीं। उन्होंने कहा, 'आंखें बंद करो तो डरावनी तस्वीरें दिखती थीं, आंखें खोलो तो कुछ नहीं होता था। नींद नहीं आती थी और दिमाग पूरी तरह थक चुका था।' उन्होंने अंत में कहा, 'हर बार आप खुद को और उलझा लेते हैं और बाहर की दुनिया कहती है – देखो, शराब की वजह से ऐसा हुआ।'