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नई दिल्ली : पंजाब पुलिस और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के खिलाडिय़ों ने 56वें नेहरू हाकी टूर्नामेंट के फाइनल के दौरान मैदान पर ही आपस में मारपीट की जिसके बाद आयोजकों ने दोनों टीमों पर प्रतिबंध लगा दिया। राष्ट्रीय महासंघ हाकी इंडिया ने इस पर टूर्नामेंट के आयोजकों से विस्तृत रिपोर्ट देने के लिये कहा है। झगड़ा उस समय शुरू हुआ जब दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर थी और गेंद पंजाब पुलिस के सर्कल में पीएनबी के पास थी। 

Nehru Hockey Finals: The players came out with a punch-hockey stick

खिलाडिय़ों ने टर्फ पर ही एक दूसरे पर घूंसे जड़े और हाकी स्टिक से मारपीट की। इसके बाद टूर्नामेंट के अधिकारी बीच बचाव करने के लिए गए। खेल कुछ देर तक रुका रहा जिसके बाद दोनों टीमों के 8-8 खिलाडिय़ों के साथ मैच आगे शुरू हुआ। दोनों टीमों के 3-3 खिलाडिय़ों को लाल कार्ड दिखाया गया। इसके अलावा पंजाब पुलिस के मैनेजर को भी अपने खिलाडिय़ों को उकसाने के लिये लाल कार्ड मिला।

पीएनबी ने आखिर में यह मैच 6-3 से जीता। इस घटना से आहत जवाहरलाल नेहरू हाकी टूर्नामेंट सोसायटी की प्रबंध समिति ने दोनों टीमों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। टूर्नामेंट के आयोजकों ने बयान में कहा कि दोनों टीमों को टूर्नामेंट में भाग लेने से प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया है। पंजाब पुलिस को चार साल के लिए जबकि पीएनबी को 2 साल के प्रतिबंधित किया गया है।

आयोजकों ने आगे कहा कि वे दोनों टीमों के प्रबंधन से दोषी खिलाडिय़ों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। हाकी इंडिया ने इस घटना को गंभीरता से लिया और टूर्नामेंट के निदेशक महेश कुमार से विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

Nehru Hockey Finals: The players came out with a punch-hockey stick

हाकी इंडिया की सीईओ इलेना नोर्मन ने कहा- हम टूर्नामेंट के अधिकारियों से आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसके आधार पर हाकी इंडिया जरूरी कार्रवाई करेगा। टूर्नामेंट के निदेशक से संपर्क करने की सभी कोशिश नाकाम साबित हुई। भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने भी हाकी इंडिया से इस घटना में शामिल खिलाडिय़ों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।

बत्रा अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) के प्रमुख भी हैं। घटना से नाराज बत्रा ने कहा- इस तरह की गैरजिम्मेदाराना टीम और उनके लापरवाह प्रबंधन, इस तरह के खिलाड़ी और कमजोर और रीढ़विहीन आयोजन समिति खेल का नाम खराब करते हैं और उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं। मैं हाकी इंडिया से कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं। 

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