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नई दिल्ली : ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को दिग्गज धावक मिल्खा सिंह को समर्पित किया जिनका जून में कोविड-19 के कारण निधन हो गया था। नीरज की तरफ से मिले इस सम्मान से मिल्खा सिंह के पुत्र और स्टार गोल्फर जीव मिल्खा सिंह भावुक हो गए और उन्होंने तहेदिल से उनका आभार व्यक्त किया। भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद चोपड़ा ने कहा कि मिल्खा सिंह स्टेडियम में राष्ट्रगान सुनाना चाहते थे। वह अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनका सपना पूरा हो गया। 

जीव ने ट्विटर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखात कि पिताजी वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे। एथलेटिक्स में पहले स्वर्ण पदक से उनका सपना आखिर सच हुआ। यह ट्वीट करते हुए मैं रो रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि ऊपर पिताजी की आंखों में भी आंसू होंगे। यह सपना साकार करने के लिये आभार।  आपने न सिर्फ ओलंपिक खेलों में देश के लिए एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक जीता, आपने इसे मेरे पिता को समर्पित किया। मिल्खा परिवार इस सम्मान के लिये तहेदिल से आभार व्यक्त करता है।  

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