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अहमदाबाद : भारत पाकिस्तान के बीच यहां के नरेंद्र मोदी मैदान पर खेले जा रहे मैच के दौरान सिर्फ स्टेडियम ही नहीं बल्कि पूरा शहर प्रशंसकों के नीले रंग की जर्सी से रंगा दिखा। स्टेडियम को ओर जाते समय बस ने जैसे ही यहां के उस्मानपुरा इलाके को पार किया, एक लोकप्रिय शीतल-पेय ब्रांड के ‘इलेक्ट्रॉनिक साइन बोर्ड' ने नायब तरीके से तापमान की घोषणा करते हुए लिखा ‘ अहमदाबाद शहर 35 डिग्री, मोटेरा: 37 डिग्री सेल्सियस।' 

मैच दोपहर दो बजे शुरू हुआ लेकिन दिन के 11 बजे ही ऐसा लग रहा था कि शहर की सारी सड़कें नरेंद्र मोदी स्टेडियम की ओर जा रही है। स्टेडियम जाने वाले रास्ते में वाहनों के दबाव से यातायात काफी धीमा हो गया था। मैच शुरू होने से पहले स्टेडियम से बाहर स्थानीय लोगों से ज्यादा संख्या दूसरे शहर या प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की थी। बैंकॉक से बेंगलुरु, सिंगापुर से सूरत और डेट्रॉयट से दिल्ली तक प्रशंसक शुक्रवार रात को ही शहर में पहुंचने लगे थे। 

अहमदाबाद रविवार रात से शुरू होने वाले नवरात्रि के जश्न में डूब जायेगा लेकिन इस मुकाबले ने एक दिन पहले ही लोगों में भावनात्मक उत्साह और देशभक्ति का जोश भर दिया। मैच से पहले शंकर महादेवन, सुनिधि चौहान, अरिजीत सिंह ने ‘वंदे मातरम' गाया जिससे माहौल जोशमय हो गया। महादेवन ने भव्य मोटेरा में जब ‘सुनो गौर से दुनियावालों' गाना शुरू किया तब आधे से ज्यादा भरा स्टेडियम भी उनके साथ सुर में सुर में मिलाने लगा। 

लोगों का जोश उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब सचिन तेंदुलकर विश्व कप ट्रॉफी के साथ मैदान आए। बेंगलुरु के एक सर्जन दीपक शिवरात्रि मैच का लुत्फ उठाने के लिए आईटी उद्योग के अपने दो दोस्तों के साथ यहां पहुंचे है। उन्हें शहर के होटल में कमरे के लिए बड़ी रकम चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘ऑनलाइन टिकट मिलने की कोई संभावना नहीं थी। किसी ने मुझ से सोशल मीडिया पर संपर्क किया और हमने 25,000 रुपये में तीन टिकट खरीदे। इन टिकटों की असल कीमत हालांकि 2000 रुपये थी। हम किसी भी कीमत पर मैच देखना चाहते थे।' 

सूरत के तीन युवाओं ने कहा कि उन्हें मुफ्त में टिकट मिला क्योंकि वे एक ऐसे व्यक्ति को जानते थे जो राजनीतिक रूप से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने संपर्क के कारण मुफ्त में टिकट मिल गया, लेकिन पिछले दो दिनों के दौरान टिकट की कीमतों में काफी गिरावट आई है। हर कोई एक टिकट के लिए 25,000, 30,000 रुपये खर्च नहीं कर सकता है। कोई भी सिर्फ एक टिकट नहीं खरीदेगा। यहां बहुत सारे लोग है जो मोल भाव कर रहे है लेकिन टिकट नहीं खरीद रहे है।' 

भारत पाकिस्तान मैच के दौरान यहां होटल, रेस्टोरेंट और विमानन कंपनियों को काफी मुनाफा हो रहा है। होटल और विमान के टिकटों के दाम आसमान छू रहे है तो वही रेस्टोरेंट लोगों से भरे रह रहे है। इसके अलावा यहां दो अन्य उद्योग भी अच्छी कमाई करते दिखे। इसमें एक है टिकटों की कालाबाजारी और दूसरा है भारतीय टीम की नकली जर्सी । भारतीय टीम की असली जर्सी की कीमत मध्यमवर्गीय परिवार के लिए काफी अधिक है ऐसे में स्टेडियम से बाहर 200 से एक हजार रूपये में आसानी से मिल रही थी। टीम की जर्सी की कीमत खरीदने वालों के मोल भाव पर भी निर्भर था। 

इन सब के बीच पाकिस्तान के पांच पत्रकार भी समय पर यहां पहुंचने में सफल रहे। पाकिस्तान के एक पत्रकार ने कहा, ‘हम वाघा-अटारी सीमा से भारत आये और फिर अमृतसर से हमने अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी। हमें शहर आधारित वीजा मिला है। हमें उन शहरों का ही वीजा मिला है जहां पाकिस्तान के मुकाबले है।'