स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्लास कभी पुरानी नहीं होती। रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में बंगाल की ओर से खेलते हुए शमी ने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ आठ विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 35 वर्षीय अनुभवी पेसर ने कल्याणी में अपनी धारदार गेंदबाज़ी से विपक्षी बल्लेबाज़ों को टिकने का मौका नहीं दिया। उनके इस प्रदर्शन ने टीम इंडिया में संभावित वापसी की चर्चाओं को फिर से तेज़ कर दिया है।
सेमीफाइनल में घातक स्पेल
कल्याणी के बंगाल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले में शमी ने पहली पारी में कहर बरपाया। उन्होंने 59वें ओवर में पांच विकेट पूरे किए और जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह झकझोर दिया। शमी की रफ्तार, लाइन-लेंथ और अनुभव ने बल्लेबाज़ों को लगातार दबाव में रखा। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कन्हैया वधावन का विकेट उनके स्पेल का अहम मोड़ रहा, जिसके बाद बंगाल ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली।
इस सीजन में शानदार लय
यह प्रदर्शन कोई एक दिन का चमत्कार नहीं है। शमी इस रणजी सीजन में लगातार प्रभावी रहे हैं। अब तक सात मैचों में वह 38 विकेट झटक चुके हैं, जिसमें तीन बार पांच विकेट हॉल भी शामिल है। पिछले महीने सर्विसेज़ के खिलाफ उन्होंने दूसरी पारी में 5/51 का शानदार आंकड़ा दर्ज किया था। उनकी गेंदबाज़ी में पुरानी धार साफ दिख रही है, जो बताती है कि फिटनेस और फॉर्म दोनों उनके साथ हैं।
चयनकर्ताओं के लिए बड़ा संकेत
हालिया समय में भारत की तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में शमी का घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज़ में मौका नहीं मिला और 2026 टी20 विश्व कप की टीम में भी जगह नहीं मिली। चोट के कारण बदलाव में मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया गया। बावजूद इसके, शमी ने हिम्मत नहीं हारी और अपने खेल से जवाब देने का रास्ता चुना।
सीमित ओवरों में भी प्रभाव
रेड-बॉल क्रिकेट के अलावा शमी ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन किया। सात मैचों में 15 विकेट लेने के साथ उनकी इकॉनमी 6.09 रही, जो सीमित ओवरों के प्रारूप में उनकी उपयोगिता दर्शाती है। हालांकि उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान था, लेकिन तब से वह घरेलू स्तर पर लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं।
बंगाल की मजबूत स्थिति
बल्लेबाजी में सुदीप कुमार घरामी ने 146 रन की शानदार पारी खेलकर बंगाल को पहली पारी में 328 रन तक पहुंचाया। इसके बाद शमी की अगुवाई में गेंदबाज़ों ने जम्मू-कश्मीर को दबाव में रखा, जिससे सेमीफाइनल में बंगाल की स्थिति मजबूत हो गई।