स्पोर्ट्स डेस्क : राजस्थान रॉयल्स को स्टील उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल के परिवार ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर खरीद लिया है। इस डील की कुल कीमत करीब 1.65 अरब डॉलर (लगभग ₹15,660 करोड़) बताई जा रही है, जो IPL इतिहास की बड़ी डील्स में से एक है।
किसके पास कितनी हिस्सेदारी?
डील पूरी होने के बाद:
मित्तल परिवार के पास करीब 75% हिस्सेदारी होगी
अदार पूनावाला के पास लगभग 18% हिस्सेदारी
बाकी 7% हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों, जिसमें मनोज बडाले शामिल हैं, के पास रहेगी
ग्लोबल ब्रांड पर भी नियंत्रण
यह डील सिर्फ IPL टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साउथ अफ्रीका की Paarl Royals और कैरेबियन की Barbados Royals फ्रेंचाइजी भी शामिल हैं। यानी नए मालिकों को एक ग्लोबल क्रिकेट ब्रांड की जिम्मेदारी मिलेगी।
कब पूरी होगी डील?
यह सौदा 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए BCCI, CCI और IPL गवर्निंग काउंसिल से मंजूरी जरूरी होगी।
राजस्थान रॉयल्स की विरासत
राजस्थान रॉयल्स IPL की शुरुआती टीमों में से एक है और 2008 में पहला खिताब जीत चुकी है। यह टीम युवा खिलाड़ियों को निखारने और कम संसाधनों में शानदार प्रदर्शन के लिए जानी जाती है।
मित्तल परिवार का भावनात्मक जुड़ाव
लक्ष्मी मित्तल ने कहा, 'मुझे क्रिकेट से प्यार है और मेरा परिवार राजस्थान से जुड़ा है, इसलिए राजस्थान रॉयल्स से जुड़ना मेरे लिए खास है।' उनके बेटे आदित्य मित्तल ने IPL को दुनिया की सबसे बड़ी लीग्स में से एक बताया और RR को आइकॉनिक टीम कहा।
पूनावाला का जुड़ना भी अहम
अदार पूनावाला ने कहा, 'राजस्थान रॉयल्स एक मजबूत विरासत वाली टीम है और मैं इसके भविष्य के विकास का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हूं।' उनके जुड़ने से टीम को मजबूत वित्तीय समर्थन मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड में होंगे ये बड़े नाम
नई संरचना के तहत: लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला, मनोज बडाले टीम के बोर्ड का हिस्सा होंगे।