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स्पोर्ट्स डेस्क: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। बॉक्सिंग-डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया में बुमराह ने टेस्ट मैच में कुल 9 विकेट लिए। ऐसा करने वाले बुमराह ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के बाद इस साल के सबसे कामयाब तेज गेंदबाज बन गए हैं। उन्हें मेलबर्न टेस्ट में मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। इस साल बुमराह ने कुल 78 विकेट लिए जिसके साथ वह इस साल के कैलेंडर इयर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच में आठ से ज्यादा विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज भी बन गए हैं।
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इस साल ऐसा तीसरी बार हुआ जब बुमराह ने एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट हासिल किए हैं और तीनों ही बार भारत को जीत हासिल हई है। बुमराह ऐसे पहले एशियन खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में पांच-पांच विकेट हासिल किए हो। 

डेब्यू साल में बुमराह के नाम सबसे ज्यादा विकेट  
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मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में 33 रन देकर छह विकेट हासिल करने वाले बुमराह का यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में बतौर तेज गेंदबाज दूसरा सबसे बेहतरीन स्पैल है। उनसे पहले साल 1985 में कपिल देव ने एडिलेड में 106 रन देकर आठ विकेट हासिल किए थे। 9 मैचों में 48 विकेट ले चुके बुमराह अब डेब्यू साल में सबसे ज्यादा विकेट ले चुके हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड दिलीप दोशी के नाम था जिन्होंने 1976 साल में 40 विकेट लिए थे। उनके बाज वेंकटेश प्रसाद का नंबर आता है जिन्होंने साल 1996 में 37 विकेट लिए। चौथे नंबर पर नरेंद्र हिरवानी है जिन्होंने साल 1988 के अपने डेब्यू साल में 36 विकेट लिए थे। वहीं इन दिनों बिग बॉस के घर में रह रहे एस श्रीसंत ने साल 2006 में 35 विकेट अपने नाम किए थे।

विकेटकीपिंग में पंत का कमाल 
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ऋषभ पंत भले ही मेलबर्न टेस्ट में बल्ले से बहुत कुछ ना कर पाए हों लेकिन विकेट के पीछे कीपिंग में उन्होंने कई कसर नहीं छोड़ी है। वह भले ही लगातार स्लेजिंग करते रहे हों लेकिन उनका ध्यान कीपिंग से नहीं हटा। ऋषभ पंत अब सीरीज में सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने अब तक इस टेस्ट सीरीज में 20 बल्लेबाजों को आउट किया है वहीं साल (1954/55) में नारेन तामहाने ने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 19 बल्लेबाजों को आउट किया था।

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