गुवाहाटी : भारतीय तेज गेंदबाजी की रीढ़ जसप्रीत बुमराह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपनी घातक गेंदबाजी से मैच का रुख पलट दिया। बुमराह ने 3/17 के शानदार आंकड़े दर्ज करते हुए भारत की आठ विकेट की जीत की नींव रखी और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम किया।
10 साल का सफर, यादों और जज्बातों से भरा
यह मुकाबला बुमराह के लिए खास इसलिए भी रहा क्योंकि इसी मैच के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 10 साल पूरे किए। 2016 में सीमित ओवरों के विशेषज्ञ के रूप में करियर शुरू करने वाले बुमराह आज तीनों फॉर्मेट में भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शुमार हैं। मैच के बाद बुमराह ने अपने दशक भर के सफर को याद करते हुए चोटों, दर्द और बाहरी धारणाओं से जूझने की बात कही।
‘लोगों ने मुझे सिर्फ छह महीने दिए थे’
बुमराह ने भावुक अंदाज में कहा कि बहुत से लोगों को लगता था कि वह लंबे समय तक क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे।
'10 साल पूरे करना वाकई बहुत अच्छा लगता है। बचपन में तो सिर्फ एक मैच खेलने का सपना देखा था। एक तेज गेंदबाज के तौर पर इतने साल खेलना आसान नहीं होता—चोटें, दर्द, धारणाएं और राय… जब लोगों ने मुझे देखा तो कहा गया कि मैं ज्यादा समय तक नहीं खेल पाऊंगा, मुझे सिर्फ छह महीने दिए गए थे। ऐसे में इतने लंबे समय तक देश के लिए खेल पाना मेरे लिए गर्व की बात है। उम्मीद है यह सफर आगे भी जारी रहेगा,' — जसप्रीत बुमराह
गुवाहाटी में बुमराह की कहर बरपाती गेंदबाजी
बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बुमराह ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर न्यूजीलैंड पर दबाव बना दिया। उनकी अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने कीवी टीम को 153/9 के स्कोर पर रोक दिया।
‘टीम के लिए जो भूमिका मिले, मैं तैयार हूं’
अपनी भूमिका को लेकर बुमराह ने कहा कि वह टीम की जरूरत के मुताबिक खुद को ढालने में खुश हैं।
'मैं तब तक खुश हूं, जब तक टीम के लिए योगदान दे पा रहा हूं। नई गेंद हो या डेथ ओवर्स—टीम जहां चाहे, मैं गेंदबाजी करने को तैयार हूं। एशिया कप में भी मैंने नई भूमिका निभाई थी। टीम के तौर पर हमें लचीला होना पड़ता है और मैं भी वही करने की कोशिश करता हूं,' — जसप्रीत बुमराह
बल्लेबाजों ने 10 ओवर में खत्म किया मैच
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने कोई गलती नहीं की। सूर्यकुमार यादव: 26 गेंदों पर 57 रन, अभिषेक शर्मा: 20 गेंदों पर 68 रन। इन दोनों की विस्फोटक पारियों की बदौलत भारत ने लक्ष्य को महज 10 ओवर में हासिल कर लिया।