कोलंबो : श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने फैसला किया है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आने वाले सीजन में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ियों को 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) देने से पहले उनके लिए फिटनेस टेस्ट करवाना जरूरी होगा। IPL का यह सीजन 28 मार्च से शुरू होगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि अलग-अलग टीमों (फ़्रैंचाइज़ी) द्वारा चुने गए कई श्रीलंकाई खिलाड़ी इस समय चोटों से उबर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार ये टेस्ट अगले हफ़्ते की शुरुआत में कोलंबो में होने की उम्मीद है और केवल वही खिलाड़ी IPL में हिस्सा ले पाएंगे जो फिटनेस के तय मानकों को पूरा करेंगे।
मंजूरी का इंतजार कर रहे प्रमुख खिलाड़ियों में गेंदबाज मथीशा पथिराना (कोलकाता नाइट राइडर्स), अनुभवी स्पिनर वानिंदु हसरंगा (लखनऊ सुपर जायंट्स), बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा (सनराइजर्स हैदराबाद) और नुवान तुषारा (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) शामिल हैं। कुल मिलाकर आने वाले सीजन के लिए 7 श्रीलंकाई खिलाड़ियों को चुना गया है। इनमें दुशमंथा चमीरा और पथुम निसांका (दोनों दिल्ली कैपिटल्स) और कामिंदु मेंडिस (सनराइज़र्स हैदराबाद) भी शामिल हैं।
IPL की कई टीमों के अधिकारियों ने बताया है कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों के तय फिटनेस टेस्ट पूरे होने के बाद उन्हें उनके बारे में जानकारी मिल जाएगी। IPL की कई टीमों के अधिकारियों ने क्रिकबज की रिपोर्ट में बताया, 'SLC ने सोमवार और मंगलवार को फिटनेस टेस्ट तय किए हैं और हमें खिलाड़ियों के बारे में जानकारी उसके बाद ही मिलेगी।'
पथिराना, हसरंगा, मलिंगा और तुषारा सहित इनमें से कई खिलाड़ी हाल ही में खत्म हुए टी20 विश्व कप में चोटों के कारण पूरी तरह या कुछ मैचों में हिस्सा नहीं ले पाए थे। खास तौर पर हसरंगा 8 फरवरी से ही टीम से बाहर हैं, जब उन्हें आयरलैंड के खिलाफ एक मैच के दौरान बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया था। वहीं, पथिराना तीन मैचों में खेलने के बाद चोट के कारण बाहर हो गए थे।