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रायपुर: छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम इस समय बदहाली का शिकार हो चुका है। 2015 में 18 करोड़ की लागत से बने इस स्टेडियम की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। टर्फ में सुबह शाम पानी देने वाला तक नहीं है और ग्राउंड के अगल-बगल घास उग गई है। यहां तक कि देखरेख के लिए गार्ड तक नहीं है। यहां तक कि 2015 में हुए हॉकी वर्ल्ड लीग मैच के बाद इस मैदान पर अंतर्राष्ट्रीय सत्र का एक भी मैच नहीं खेला गया है।

खेल विभाग ने नहीं निकाला टेंडर
जून में टेंडर समाप्त हो गया, तब से खेल विभाग ने टेंडर ही नहीं निकाला और हैसाइंस कॉलेज मैदान स्थित यह हॉकी स्टेडियम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। स्टेडियम बनाने वाली कंपनी का तीन वर्ष तक टेंडर था। समय सीमा समाप्त होने के बाद कंपनी ने इसे खेल विभाग को हैंडओवर कर दिया। टेंडर नहीं होने की वजह से मेंटेनेंस पूरी तरह से बंद है।

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 2015 में धनतेरस के शुभ अवसर पर राजधानी रायपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का लोकार्पण किया था। उस वक्त लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से रिकार्ड चार माह में विश्व स्तरीय सुविधा वाले इस एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम का निर्माण किया गया। स्टेडियम के उद्घाटन के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी और उस दौरान लोगों में जबरदस्त रोमांच देखने को मिला था।

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