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नई दिल्ली : 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 विश्व कप में इस बार सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई विदेशी टीमों में भी भारतीय मूल के क्रिकेटरों का दबदबा देखने को मिलेगा। करीब तीन दर्जन से अधिक भारतीय मूल के खिलाड़ी अलग-अलग देशों की ओर से मैदान में उतरेंगे और अपनी जन्मभूमि या कर्मभूमि पर खास छाप छोड़ने को बेकरार हैं।

कनाडा और अमेरिका इस मामले में सबसे आगे हैं, जहां भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई खिलाड़ी भारत में जन्मे, यहीं क्रिकेट सीखा और अब विदेशी जर्सी में उसी धरती पर खेलते नजर आएंगे।

सौरभ नेत्रवलकर: वानखेड़े में भारत के खिलाफ भावनात्मक मुकाबला

मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर के लिए भारत के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेलना किसी सपने से कम नहीं होगा। भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके नेत्रवलकर अमेरिका की ओर से शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पिछले विश्व कप में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अमेरिका को सुपर-8 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। 7 फरवरी को जब वह सूर्यकुमार यादव के खिलाफ गेंदबाजी करेंगे, तो भावनाओं पर काबू रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ कप्तानी, बुमराह से पुरानी दोस्ती

आनंद में जन्मे मोनांक पटेल भारत के खिलाफ अमेरिका की कप्तानी करेंगे। 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच जिताऊ अर्धशतक जमाया था। मोनांक और जसप्रीत बुमराह गुजरात अंडर-19 टीम में साथ खेल चुके हैं। मोनांक मानते हैं कि किशोरावस्था में ही उन्हें समझ आ गया था कि बुमराह एक दिन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शामिल होंगे।

जसप्रीत सिंह: फगवाड़ा से इटली तक का संघर्ष भरा सफर

फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चले गए थे। टेप-बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाले इस खिलाड़ी ने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। कभी उबर ड्राइवर के रूप में काम करने वाले जसप्रीत के लिए आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना सपने के सच होने जैसा है।

आर्यन दत्त: नीदरलैंड से भारत में धमाका करने की तैयारी

22 वर्षीय आर्यन दत्त, नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के इकलौते खिलाड़ी हैं। 2023 वनडे विश्व कप में भारत में खेल चुके आर्यन इस बार भी बड़े उलटफेर की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड गया था और आज भी भारत से उनका भावनात्मक रिश्ता बना हुआ है।

दिलप्रीत बाजवा: कनाडा की कप्तानी, भारत में वापसी

गुरदासपुर में जन्मे दिलप्रीत बाजवा छह साल पहले कनाडा गए थे और अब उसी देश की कप्तानी करते हुए भारत लौटे हैं। पंजाब में उम्र-वर्ग क्रिकेट में रन बनाने के बावजूद मौके नहीं मिले, लेकिन कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में चमकने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 23 वर्षीय बाजवा 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भी कनाडा का हिस्सा थे।

जतिंदर सिंह: जन्मभूमि में खेलने का अधूरा सपना

लुधियाना में जन्मे जतिंदर सिंह ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। 36 वर्षीय जतिंदर एक दशक से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन भारत में खेलने का सपना अभी अधूरा है। ओमान के सभी लीग मुकाबले श्रीलंका में होने के कारण यह सपना इस बार भी पूरा होता नहीं दिख रहा।

किन देशों में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के खिलाड़ी?

कनाडा – 11
अमेरिका – 9
ओमान – 7
यूएई – 7

भारत जहां घरेलू धरती पर खिताब बचाने उतरेगा, वहीं कई अन्य टीमों में भी ‘देसी छाप’ साफ नजर आएगी।