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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट को तिरुवनंतपुरम में एक यादगार रात देखने को मिली, जब ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 42 गेंदों में शतक जड़ दिया। यह पारी सिर्फ मैच का रुख बदलने वाली नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज होने वाली भी रही। अपनी इस तूफानी पारी के साथ ईशान न सिर्फ भारत के लिए पांचवां सबसे तेज टी20 शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने, बल्कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे तेज सेंचुरी भी अपने नाम कर ली। 

तिरुवनंतपुरम में ईशान किशन का धमाका

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ईशान किशन पूरी तरह आक्रामक मूड में नजर आए। शुरुआत से ही उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। फील्ड के हर हिस्से में शॉट्स लगाते हुए ईशान ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और ताकत का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला।

42 गेंदों में शतक, रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड

ईशान किशन ने केवल 42 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगाया गया पांचवां सबसे तेज शतक है। इस पारी के साथ उन्होंने कई बड़े नामों की सूची में अपनी जगह बनाई और यह साबित कर दिया कि वह छोटे फॉर्मेट में कितने खतरनाक हो सकते हैं।

भारतीयों के सबसे तेज टी20 शतकों की लिस्ट

ईशान किशन का नाम अब भारत के सबसे तेज टी20 शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की खास सूची में शामिल हो गया है:

35 गेंद – रोहित शर्मा
37 गेंद – अभिषेक शर्मा
40 गेंद – संजू सैमसन
41 गेंद – तिलक वर्मा
42 गेंद – ईशान किशन
इस लिस्ट में शामिल होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, खासकर तब जब इसमें रोहित शर्मा जैसे दिग्गज का नाम सबसे ऊपर है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज टी20 शतक

ईशान किशन की यह पारी सिर्फ भारतीय रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही। वह दुनिया भर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले किसी भी खिलाड़ी ने कीवी टीम के खिलाफ इतनी तेजी से तीन अंकों का आंकड़ा नहीं छुआ था।

छक्कों-चौकों की बारिश

ईशान की शतकीय पारी पूरी तरह दर्शकों के लिए एक ट्रीट रही। उन्होंने अपनी इस पारी में 10 छक्के और 6 चौके लगाए। खास बात यह रही कि ज्यादातर छक्के क्लीन हिट थे, जिनमें गेंदबाजों के पास बचाव का कोई मौका नहीं था। स्पिन हो या तेज गेंदबाजी, ईशान ने हर किसी को समान आक्रामकता से खेला।