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केपटाउन : संन्यास से वापसी करने के बाद दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया है और उन्होंने इसका श्रेय किसी तरह के पूर्वाग्रह के साथ नहीं खेलने और किसी भी चुनौती के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को दिया। डीकॉक ने टेस्ट और वनडे से संन्यास लेने के बाद अक्टूबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ टी20 मैच से वापसी की। वह 2024 में टी20 विश्व कप के फाइनल के बाद से इस प्रारूप में भी नहीं खेले थे जिससे क्रिकेट में उनका भविष्य अनिश्चित हो गया था। 

डीकॉक ने यहां सनराइजर्स ईस्टर्न केप और प्रिटोरिया कैपिटल्स के बीच एसए20 मैच के बाद चुनिंदा मीडियाकर्मियों से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी भी किसी तरह के पूर्वाग्रह के साथ क्रिकेट खेली है। मेरी मानसिकता हमेशा जीतने की रही है। अगर मैं मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार होकर मैदान में उतरता हूं, तो मैं संतुष्ट रहता हूं, फिर चाहे मुझे सफलता मिले या नहीं।' 

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे केवल तभी निराशा होती है जब मैं मानसिक रूप से तैयार नहीं रहता और अनावश्यक गलतियां कर देता हूं।' डीकॉक की निगाह अब भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी20 विश्व कप पर टिकी हैं। वह भारतीय परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिसका वह फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हूं। मैं कई वर्षों से भारत का दौरा कर रहा हूं। अगर मैं अब तक भी वहां की परिस्थितियों को नहीं समझ पाया तो इसका मतलब यह होगा कि मैंने कुछ गलत किया है।'