नई दिल्ली : भारत के तूफानी सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कहा कि कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रोत्साहन के बाद वह पूर्व कप्तान रोहित शर्मा द्वारा टी20 अंतरराष्ट्रीय पावरप्ले के लिए तय किए गए आक्रामक खेल का अनुकरण कर रहे हैं। अभिषेक ने 2024 जुलाई में टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और अपनी तेज-तर्रार बल्लेबाजी की बदौलत उन्होंने बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
अब तक 34 मैच में उन्होंने 2 शतक और 7 अर्धशतक के साथ 1199 रन बनाए हैं जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 190.92 है। अभिषेक ने रोहित के प्रभाव पर बात करते हुए ‘जियोस्टार' से कहा, ‘रोहित भाई ने देश के लिए बहुत कुछ किया है। पावरप्ले में वह जो शुरुआत देते थे, उससे प्रतिद्वंद्वी टीम पर हमेशा दबाव बना रहता था। जब मैं टीम में आया तो कोच और कप्तान मुझसे यही चाहते थे। मुझे लगता है कि यह मेरी बल्लेबाजी शैली के अनुरूप भी है क्योंकि मुझे शुरुआत से ही आक्रामक खेलने का शौक है। मैं रोहित भाई के नक्शेकदमों पर चल रहा हूं और मुझे इस तरीके से खेलकर भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर खुशी है।'
अभिषेक ने कहा कि उनकी बल्लेबाजी में सुधार की गुंजाइश जरूर है लेकिन उन्हें अपनी भूमिका पर पूरी स्पष्टता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं पूरी तरह से परिपक्व हो गया हूं क्योंकि हमेशा सुधार की गुंजाइश रहती है। लेकिन मुझे लगता है कि मेरी भूमिका पहले छह ओवरों में आक्रामक क्रिकेट खेलना है। मैं इसके लिए बहुत अभ्यास कर रहा हूं। मुझे पता है कि अगर मैं अच्छी शुरुआत दूं या शुरू से अच्छा इरादा दिखाऊं तो टीम उसी लय का अनुकरण कर सकती है, मैं हमेशा इसके बारे में सोचता हूं।'
टी20 विश्व कप शुरु होने में कुछ ही दिन बचे हैं, अभिषेक ने बताया कि उन्होंने कुछ खास तरह के गेंदबाजों के खिलाफ खेलने का अभ्यास किया है जिनका वे टूर्नामेंट में सामना करेंगे। अभिषेक ने कहा, ‘अगर मुझे आक्रामक क्रिकेट खेलना है तो मुझे एक खास तरह से अभ्यास करना होगा। मैं मैच से पहले यही करता हूं। जब मुझे एक हफ्ते या दस दिन का समय मिलता है तो मैं ध्यान में रखता हूं कि अगले मुकाबलों में मुझे किस प्रकार के गेंदबाजों का सामना करना है।'
उन्होंने कहा, ‘मैं आगामी टी20 विश्व कप के लिए भी अभ्यास कर रहा हूं। मुझे पता है कि हम भारत के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न परिस्थितियों में और विभिन्न टीम के खिलाफ खेलेंगे इसलिए तैयारी अहम है।' इस 25 साल के खिलाड़ी ने बताया कि वह जितना हो सके नेट्स में मैच जैसी स्थिति को बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं नेट्स में उसी तरह के गेंदबाजों का सामना करने की कोशिश करता हूं जो मुझे विपक्षी टीम से मिल सकते हैं। मैं उनसे आउटस्विंगर, इनस्विंगर और नई गेंद का उपयोग करने को कहता हूं।'
इसके अलावा अभिषेक ने गेंदबाजों द्वारा गेंद की गति कम करने की रणनीति अपनाने की स्थिति पर भी काम किया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि विशेषकर विश्व कप या किसी अन्य मैच के दौरान वे मुझे बहुत तेज गेंदबाजी नहीं करेंगे। मुझे पिछले मुकाबलों में यह महसूस हुआ इसलिए मैंने इस पर काम किया है। '' अभिषेक ने अपनी ‘बैक लिफ्ट' पर भी काम किया है ताकि बल्ले से आसानी से रन बने।