Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच नंबर-3 की पोजीशन खोने के बाद 23 वर्षीय Tilak Varma को मध्यक्रम में नई जिम्मेदारी दी गई। टीम में लगातार तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज़ होने के कारण रणनीति बदली गई। इसके बावजूद तिलक ने परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालकर टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीता।

कोटक का भरोसा – ‘टीम पहले, पोजीशन बाद में’

भारत के बल्लेबाजी कोच Sitanshu Kotak ने तिलक की लचीलापन की खुलकर तारीफ की। कोटक ने कहा कि तिलक कभी बल्लेबाजी क्रम की शिकायत नहीं करते—चाहे ओपनिंग हो, नंबर-3 या नंबर-5। उन्होंने स्पष्ट किया कि Suryakumar Yadav की जगह तय है, इसलिए टीम संतुलन के लिए तिलक को नंबर-5 पर भेजा गया।

‘अंधाधुंध स्लॉग नहीं, मेरिट पर शॉट’

कोटक ने कहा कि तिलक आक्रामक जरूर हैं, लेकिन वह गेंद की गुणवत्ता के अनुसार शॉट खेलते हैं। 'वह आंख बंद करके स्लॉग नहीं लगाते,' कोचक ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले मुंबई के Wankhede Stadium में कहा। यह परिपक्वता ही उन्हें खास बनाती है।

जिम्बाब्वे के खिलाफ तूफानी पारी

जब Sanju Samson ने ओपनिंग में वापसी की और Ishan Kishan नंबर-3 पर उतरे, तब तिलक को नंबर-6 पर भेजा गया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 16 गेंदों में नाबाद 44 रन (4 छक्के, 3 चौके) ठोककर भारत को 256/4 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। 72 रन की जीत से भारत का नेट रन रेट भी बेहतर हुआ।

वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम योगदान

करो या मरो मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ तिलक नंबर-5 पर उतरे। उन्होंने सैमसन के साथ 42 रन की साझेदारी में 15 गेंदों पर 27 रन की तेज पारी खेली। सैमसन की नाबाद 97 रन की पारी के दम पर भारत ने पांच विकेट से जीत दर्ज की।

आंकड़ों में दम

23 वर्षीय तिलक इस टूर्नामेंट में भारत के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। सात पारियों में उन्होंने 178 रन बनाए हैं, औसत 29.66 और स्ट्राइक रेट 147.10 का है—जो उनकी आक्रामक और संतुलित बल्लेबाजी का प्रमाण है।