Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद भारतीय टीम पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज अहमद शहजाद ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पर तीखी टिप्पणी की है। शहजाद का दावा है कि गंभीर की राजनीतिक पृष्ठभूमि का असर टीम के माहौल पर पड़ा है। साथ ही उन्होंने चयन फैसलों और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। 

सुपर 8 हार के बाद बढ़ा दबाव

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली बड़ी हार ने भारतीय खेमे में चिंता बढ़ा दी है। इस हार के बाद सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो सकती है, जिससे कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट पर दबाव साफ दिख रहा है। कुछ चयन फैसलों ने भी बहस को जन्म दिया। अहम मुकाबले में अक्षर पटेल की जगह वाशिंगटन सुंदर को मौका देने पर फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाए।

पॉलिटिक्स टीम में भी आ गई : शहजाद

अहमद शहजाद ने कहा कि 2019 से 2024 के बीच राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान गंभीर का दृष्टिकोण बदल गया। उनका इशारा उस समय की ओर था जब गंभीर सांसद रहे। शहजाद का मानना है कि राजनीति का असर अब टीम प्रबंधन में भी दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, किसी भी खेल में सफलता के लिए पूर्ण फोकस जरूरी होता है, और अगर ध्यान बंटे तो उसका असर टीम के माहौल पर पड़ सकता है।

कुलदीप यादव को लेकर उठे सवाल

शहजाद ने यह भी कहा कि टीम अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कुलदीप यादव का जिक्र किया, जिन्हें टूर्नामेंट में सीमित मौके मिले हैं। उनका कहना था कि कुलदीप जैसे मैच-विनर स्पिनर को लगातार बाहर रखना समझ से परे है। टी20 फॉर्मेट में विविधता और विकेट लेने की क्षमता बेहद अहम होती है, और कुलदीप उस भूमिका को निभा सकते हैं।

कप्तान के साथ विवाद की चर्चा

शहजाद ने एक कथित घटना का भी जिक्र किया, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव और कुलदीप के बीच कहासुनी की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में दोनों खिलाड़ियों ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी अनबन से इनकार किया। फिर भी शहजाद का मानना है कि कुलदीप को बाहर रखने के पीछे कोई और कारण हो सकता है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चयन और रणनीति पर बहस

टीम इंडिया के चयन और रणनीति को लेकर चर्चा तेज है। आलोचकों का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट में टीम कॉम्बिनेशन का संतुलन बेहद अहम होता है। स्पिन विकल्पों और ऑलराउंडर्स के बीच सही तालमेल बनाना जीत की कुंजी साबित हो सकता है। इसके बावजूद यह भी तथ्य है कि गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने हालिया बाइलेटरल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया है।