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स्पोर्ट्स डेस्क : भारत बनाम पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 मुकाबले में जहां रोमांच अपने चरम पर था, वहीं टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के लिए यह मैच निराशाजनक साबित हुआ। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में पांड्या बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। यह सिर्फ एक साधारण डक नहीं था, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला गोल्डन डक भी रहा। इस अनचाहे रिकॉर्ड ने उनके शानदार करियर में एक अप्रत्याशित अध्याय जोड़ दिया।

गोल्डन डक से टूटा बड़ा सिलसिला

Hardik Pandya 15वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे, जब तिलक वर्मा का विकेट गिरा। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी कर रहे सैम अयूब ने उन्हें कैरम बॉल डाली। पांड्या ने पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और लॉन्ग-ऑफ की दिशा में गेंद उठाई, लेकिन सही टाइमिंग नहीं मिल पाई। लॉन्ग-ऑफ पर खड़े बाबर आजम ने आसान कैच लपक लिया और पांड्या गोल्डन डक का शिकार बन गए। यह उनके टी20I करियर का चौथा डक था, लेकिन पहली बार वह पहली ही गेंद पर आउट हुए।

पाकिस्तान के खिलाफ अनचाहा रिकॉर्ड

इस पारी के साथ पांड्या ने एक और अवांछित रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। टी20 इंटरनेशनल में उनके चार डक में से तीन पाकिस्तान के खिलाफ आए हैं। यह आंकड़ा उन्हें भारत-पाक मुकाबलों में सबसे ज्यादा डक झेलने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर ले आता है। 

हार्दिक पांड्या – 3 डक
गौतम गंभीर – 2 डक
रोहित शर्मा – 2 डक 
यह रिकॉर्ड निश्चित रूप से पांड्या के लिए निराशाजनक है, खासकर तब जब वह टीम के सबसे भरोसेमंद फिनिशरों में से एक माने जाते हैं।

बड़े मैचों में पांड्या की भूमिका

हार्दिक पांड्या को आमतौर पर बड़े मैचों का खिलाड़ी माना जाता है। उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है। चाहे बल्ले से तेज रन बनाना हो या गेंद से महत्वपूर्ण विकेट लेना, पांड्या अक्सर दबाव में निखरते हैं। हालांकि, इस मुकाबले में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश महंगी साबित हुई। क्रिकेट में जोखिम और इनाम साथ-साथ चलते हैं, लेकिन इस बार जोखिम भारी पड़ गया।