Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट में T20 फॉर्मेट तेज फैसलों, शांत दिमाग और खिलाड़ियों से बेहतर तालमेल की मांग करता है। हाल के वर्षों में सूर्यकुमार यादव ने न सिर्फ अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से, बल्कि कप्तान के रूप में भी खुद को साबित किया है। भारत के हेड कोच गौतम गंभीर का मानना है कि सूर्यकुमार की शांत नेतृत्व शैली भारत की हालिया T20I सफलता की बड़ी वजह है। USA के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले में उनकी कप्तानी पारी ने इस बात पर मुहर लगा दी।

मुश्किल हालात में कप्तान की जिम्मेदारी

USA के खिलाफ भारत का शुरुआती मुकाबला आसान नहीं था। टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवा दिए और स्कोर दबाव में आ गया। ऐसे समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभाली और 49 गेंदों में 84 रन की शानदार पारी खेली। यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश थी। भारत ने 161/9 का स्कोर खड़ा किया, जो बाद में मैच जिताऊ साबित हुआ।

गौतम गंभीर को क्यों पसंद है सूर्या की कप्तानी

स्टार स्पोर्ट्स द्वारा शेयर किए गए वीडियो में गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव की खुलकर तारीफ की। गंभीर के मुताबिक, सूर्या ने T20 फॉर्मेट में कोच की जिम्मेदारी को काफी आसान बना दिया है। उन्होंने कहा कि सूर्या सिर्फ बल्लेबाज़ी से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और सोच से भी टीम को आगे ले जाते हैं। उनका मानना है कि सूर्या का मैदान पर शांत और रिलैक्स रहना पूरी टीम को आत्मविश्वास देता है।

खिलाड़ियों से जुड़ने की खास कला

गंभीर ने इस बात पर खास ज़ोर दिया कि सूर्यकुमार खिलाड़ियों से जिस तरह जुड़ते हैं, वह उन्हें एक बेहतरीन लीडर बनाता है। वह खिलाड़ियों से खुलकर बात करते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं और दबाव के माहौल को हल्का बना देते हैं। एक कोच के तौर पर यह बहुत बड़ी राहत होती है कि कप्तान ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक और शांत रखे।

प्रेशर में सही फैसले लेने की क्षमता

T20 क्रिकेट में दबाव के पल हर मैच में आते हैं। गौतम गंभीर के अनुसार, सूर्या की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह ऐसे समय में घबराते नहीं हैं। उनका दिल सही जगह पर है और वह मुश्किल हालात में भी संतुलित फैसले लेते हैं। यही वजह है कि गंभीर मानते हैं कि देश को लीड करने के लिए सूर्या जैसे कप्तान का होना एक सौभाग्य है।

बल्लेबाज से आगे एक लीडर

गंभीर ने साफ कहा कि वह सूर्यकुमार को सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं देखते, बल्कि एक लीडर के रूप में आंकते हैं। उनके मुताबिक, सूर्या ने हर पैमाने पर खुद को साबित किया है—चाहे वह बल्लेबाज़ी हो, कप्तानी हो या टीम मैनेजमेंट। उनकी मौजूदगी से कोचिंग स्टाफ को भी कई मोर्चों पर चिंता नहीं करनी पड़ती।

कप्तानी तक का सफर

35 वर्षीय सूर्यकुमार यादव भारत की उस T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने दो साल पहले खिताब जीता था। रोहित शर्मा के इस फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद सूर्या को T20I टीम की कमान सौंपी गई। तब से लेकर अब तक उन्होंने अपने शांत स्वभाव और आक्रामक क्रिकेट के मेल से खुद को भारत का आदर्श T20 कप्तान साबित किया है।