Sports

मुंबई ,( निकलेश जैन ) भारत में शतरंज के प्रचार प्रसार और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में जुड़ी संस्था चेसबेस इंडिया नें इन दिनो घरो में बंद शतरंज खिलाड़ियों के लिए अनोखी मुहिम शुरू की है और इस दौरान रोजाना ऑनलाइन ट्रेनिंग और टूर्नामेंट का  निःशुल्क आयोजन कर रही है ताकि लोग घरों में रहते हुए भी ना सिर्फ खेल का आनंद उठा सके बल्कि अपने आपको मानसिक तौर पर चुस्त भी रख सके । वही कल होने वाले टूर्नामेंट मे अजरबैजान के गादिर गसिमोव शीर्ष वरीय खिलाड़ी है तो भारत के वर्तमान चैम्पियन अरविंद चितांबरम पर सबकी नजरे रहेंगी । 

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यहाँ संपर्क करे आप आने वाले मैच के लिए संपर्क कर सकते है - पढे कैसे करे रजिस्टर 

अँग्रेजी भाषा में आज प्रसारित अंक 

हर दिन दो बार लग रही ऑनलाइन क्लास – चेसबेस इंडिया के द्वारा हिन्दी और अँग्रेजी यूट्यूब पर रोजाना तकरीबन 150 मिनट की प्रशिक्षण क्लास लग रही है ,सुबह 9 बजे अँग्रेजी में तो शाम को 5 बजे हिन्दी में इसे सीधा प्रसारण किया जा रहा है और देश भर से बहुत सारे शतरंज खिलाड़ी इससे जुड़ रहे है ।

हिन्दी भाषा में आज प्रसारित अंक 

PunjabKesari

चेसबेस इंडिया ऑनलाइन टूर्नामेंट  में भारत ही नहीं दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी प्रतिभागिता कर रहे है 


चेसबेस इंडिया के संस्थापक अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी और इंटरनेशनल मास्टर सागर शाह नें बताया की चेसबेस इंडिया के द्वारा हर शनिवार को निःशुल्क ऑनलाइन ब्लिट्ज़ टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारत के दिग्गज खिलाड़ियों समेत कई देशो के दिग्गज खिलाड़ी भाग ले रहे है । प्रतियोगिता का पहला आयोजन गत शनिवार को खेला गया जिसे भारत के प्रग्गानंधा नें 9 में से 8.5 अंक बनाकर अपने नाम किया । 
“ये समय सभी के लिए मुश्किल है ,घर पर रहकर हम कोरोना वायरस से तो हम बच सकते है पर घर के अंदर रहने के नियम की वजह से लोगो तनाव मे है ऐसे मे हमने शतरंज को माध्यम बनाकर लोगो को सहयोग करने का फैसला लिया है इसके लिए हमने दो बातोपर ध्यान दिया है पहला ऑनलाइन टूर्नामेंट जिसके लिए हम लगातार 6 टूर्नामेंट करने जा रहे है जिसमें पुरूष्कार भी है । दूसरा हमने लोगो को सिखाने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू किया है सुबह 9 बजे और शाम को 5 बजे हम क्लास कर रहे है और अब तक तकरीबन 10000 से ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके है और निःशुल्क सीख रहे है । ठीक जिस तरह पंजाब केसरी शतरंज का सकारात्मक इस्तेमाल करते है चेसबेस इंडिया भी कुछ उसी तरह का इस्तेमाल कर रहा है ‘

.
.
.
.
.