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लंदन : अपने जमाने के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी और दिवालिया घोषित होने के बाद अपनी संपत्ति को सौंपने में विफल रहने के आरोप में लंदन में मुकदमे का सामना कर रहे बोरिस बेकर ने अदालत को बताया कि किस तरह से वह ‘महंगे तलाक’ और अन्य कारणों से संन्यास लेने के बाद पैसों के लिए संघर्ष कर रहे थे। बेकर ने सोमवार को बताया कि गलत प्रचार के कारण उनकी ख्याति पर दुष्प्रभाव पड़ा जिससे वह अपने कर्ज का भुगतान करने के लिए पर्याप्त कमाई नहीं कर पाए। 

54 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उनकी जीवनशैली आलीशान रही जिसमें विंबलडन में किराए का घर भी शामिल है जिसका मासिक किराया 22,000 पाऊंड (लगभग 22 लाख रुपए) था। उन्होंने कहा कि 2001 में पूर्व पत्नी बारबरा बेकर के साथ तलाक के बाद उन्हें अपने दो बेटों के पालन पोषण के लिए मोटी धनराशि का भुगतान करना पड़ा। बेकर ने इसके साथ ही बताया कि उन्हें अपनी बेटी अन्ना एर्मकोवा और उनकी मां के पालन पोषण के लिए भी अच्छी खासी धनराशि खर्च करनी पड़ी जिसमें लंदन में 25 लाख पौंड का अपार्टमेंट भी शामिल था।

6 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन बेकर को जून 2017 में दिवालिया घोषित कर दिया गया था और उन पर 24 आरोप तय किए गए थे जिनमें ओलिम्पिक स्वर्ण पदक सहित अपनी ट्राफियां और अन्य पुरस्कार सौंपने में विफल रहने और ट्रस्टियों से संपत्ति छुपाने के आरोप भी शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जर्मनी में अपने स्वामित्व वाली मर्सिडीज कार डीलरशिप की बिक्री से मिले 10 लाख डॉलर कथित तौर पर छिपाए थे और सैकड़ों हजार पौंड अन्य खातों में स्थानांतरित किए थे। बेकर ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया है।

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