Sports

लंदन : इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट टीम के लिए हरफनमौलाओं को कप्तान बनाना अतीत में सफल नहीं रहा है लेकिन बेन स्टोक्स को उम्मीद है कि वह चीजों को बदलने में सफल रहेंगे। स्टोक्स ने पिछले हफ्ते इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी स्वीकार की जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं कि उन पर कप्तानी का बोझ हावी हो सकता है क्योंकि पहले ही उन पर उम्मीदों का काफी बोझ है। 

इंग्लैंड के अतीत के दो महान हरफनमौलाओं इयान बॉथम और एंड्रयू फ्लिंटॉफ को टेस्ट टीम की कमान संभालने के बाद जूझना पड़ा था। इंग्लैंड की टीम 1980-81 में बॉथम की कप्तानी में खेले 12 टेस्ट में से एक में भी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। टीम ने 2006-07 में फ्लिंटॉफ की अगुआई में खेले 11 टेस्ट में से सिर्फ दो में जीत दर्ज की जबकि इस दौरान आस्ट्रेलिया में एशेज श्रृंखला 0-5 से गंवाई। फ्लिंटॉफ के बाद टीम की कमान संभालने वाले पहले ऑलराउंडर स्टोक्स ने हालांकि इस तुलना को खारिज कर दिया। 

मंगलवार को इंग्लैंड के नए टेस्ट कप्तान के रूप में मीडिया के सामने पेश स्टोक्स ने कहा कि जब मैं 18 बरस का था तब से मुझे एंड्रयू फ्लिंटॉफ और सर इयान बॉथम के ठप्पे के साथ जीना पड़ रहा है। लेकिन मैंने हमेशा से कहा है कि मैंने कभी एंड्रयू फ्लिंटॉफ या सर इयान बॉथम बनने की कोशिश नहीं की। मैं बेन स्टोक्स हूं। शारीरिक और मानसिक बोझ से जुड़ा सवाल हालांकि स्टोक्स को लेकर व्यावहारिक है।

30 साल के स्टोक्स मानसिक स्वास्थ्य कारणों तथा अपने बेहतर स्वास्थ्य के कारण 2021 के अधिकांश सत्र से बाहर रहे। इस दौरान वह अंगुली के दो ऑपरेशन से भी उबर रहे थे। अब मीडिया की नजरें उन पर होगी और उनकी फॉर्म तथा मैदान में उनके फैसलों के अलावा मैदान के अंदर और बाहर उनके आचरण की लगातार समीक्षा होगी। स्टोक्स ने हालांकि कहा कि पिछले साल के अनुभव से उन्हें मदद मिलेगी। 

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर हमेशा नकारात्मक अहसास होता है लेकिन मैंने ब्रेक लिया, लोगों से बात की और ऐसा करना जारी रखूंगा। मैं अब इस भूमिका में हूं और इसे सकारात्मक रूप से देखता हूं। पिछले सत्र में जिस चीज से मैं गुजरा और इससे भी पहले, मुझे काफी अनुभव है कि जीवन में आपको किन चीजों का सामना करना पड़ सकता है। 

स्टोक्स ने कहा कि मैंने हमेशा से महसूस किया है कि मैं ऐसा व्यक्ति हूं जिससे सीनियर या युवा खिलाड़ी अगर किसी चीज को लेकर परेशान हैं तो मेरे पास आकर बात कर सकते हैं। उम्मीद करता हूं कि ऐसा जारी रहेगा। स्टोक्स संभवत: 2017 की घटना के संदर्भ में बोल रहे थे जब वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद उन्होंने इंग्लैंड टीम के साथियों के साथ सड़क पर दो आदमियों के साथ मारपीट की। 

उन्हें हालांकि दोषी नहीं पाया गया क्योंकि सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा में ऐसा किया। इस मामले के कारण उनसे इंग्लैंड टीम की उप कप्तानी छीन ली गई और वह 2017-18 में आस्ट्रेलिया के एशेज दौरे पर भी नहीं जा पाए। बाद में दोबारा उन्हें उप कप्तान बनाया गया। स्टोक्स ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह जीवन के उस मुश्किल क्षण से उबरकर अब कप्तान बने। इंग्लैंड की टीम अपने पिछले 17 टेस्ट में से सिर्फ एक में जीत दर्ज कर पाई है और स्टोक्स को इस प्रारूप पर अधिक ध्यान देना होगा। ऐसी स्थिति में स्टोक्स की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 मुकाबलों में उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। 

स्टोक्स ने कहा कि मुझे पता है कि मुझे टेस्ट टीम को जीत की राह पर लौटाने के लिए बड़ी भूमिका निभानी होगी और इसके लिए मैं अपने पूरे प्रयास और ऊर्जा लगा दूंगा। क्या इससे इंडियन प्रीमियर लीग के लिए भी उनकी उपलब्धता प्रभावित होगी? स्टोक्स ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट मेरी शीर्ष प्राथमिकता है। 

वेस्टइंडीज दौरे से विवादास्पद रूप से बाहर किए गए इंग्लैंड के दो सबसे सफल गेंदबाज जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के नाम पर स्टोक्स की अगुआई में चयन के लिए एक बार फिर विचार होगा। स्टोक्स ने कहा कि टेस्ट मैच जीतने की सर्वश्रेष्ठ संभावना तभी है जब आप अपने 11 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनो और फिट होने पर जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड चयन के लिए उपलब्ध होंगे क्योंकि वे इंग्लैंड में दो सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। उनके नाम पर चयन के लिए कभी विचार नहीं करना बेवकूफाना है। वे सर्वश्रेष्ठ एकादश का हिस्सा हैं। 
 

.
.
.
.
.