नई दिल्ली : इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में एक और निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने कड़ी आलोचना की है। उंगली की चोट से उबरने के बाद लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट के लिए टीम में लौटे बाबर सिर्फ 8 और 6 रन ही बना पाए। पाकिस्तान को 194 रनों से हार का सामना करना पड़ा और तीन मैचों की सीरीज में इंग्लैंड ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। खराब प्रदर्शन ने एक बार फिर बाबर के लंबे समय से टेस्ट शतक न बना पाने की बात को चर्चा में ला दिया है। उनका आखिरी शतक दिसंबर 2022 में कराची में न्यूजीलैंड के खिलाफ आया था। देश के सबसे बड़े बल्लेबाजों में से एक होने के बावजूद पाकिस्तान के कप्तान इस फॉर्मेट में पिछले चार साल से शतक नहीं लगा पाए हैं।
बासित ने यूट्यूब शो 'द गेम प्लान' पर कहा, 'वे ऐसे ही महान खिलाड़ी नहीं बन गए। मैं सचिन तेंदुलकर की बात भी नहीं कर रहा हूं। मैं अपने ही देश के खिलाड़ियों की बात कर रहा हूं। जब आप मुश्किल समय में कुछ नहीं करते, तो क्या फायदा? आप अपनी फैन फॉलोइंग के लिए महान खिलाड़ी हैं। आप सोशल मीडिया के लिए महान खिलाड़ी हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'आप ऐसा कब करेंगे? मैं बाबर (आजम) की बात कर रहा हूं। मैं उनका नाम लूंगा। उन्होंने चार साल से (टेस्ट) शतक नहीं लगाया है। आप ऐसा कब करेंगे? यह दुख की बात है। जब पूरे देश की बल्लेबाजी आप पर निर्भर हो, तो कम से कम ऐसे शॉट खेलकर आउट तो न हों।'
इंग्लैंड में बाबर और पाकिस्तान का संघर्ष
इस सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता का विषय रही है, टीम अब तक अपनी किसी भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। लॉर्ड्स में पहली पारी में वे 110 रन पर ऑलआउट हो गए, जबकि 389 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए वे 194 रन ही बना पाए। दूसरी पारी में सऊद शकील के 97 रन ही एकमात्र उल्लेखनीय प्रदर्शन था। बाबर के लिए लॉर्ड्स टेस्ट बहुत निराशाजनक रहा। दो पारियों में कुल 14 रन जोकि जनवरी 2025 के बाद से दो बार बैटिंग करने पर उनका सबसे कम मैच स्कोर था।
पाकिस्तान को उम्मीद थी कि उनके कप्तान की वापसी से कमजोर बैटिंग लाइन-अप मजबूत होगी, लेकिन उनके नाकाम रहने से टीम पर दबाव और बढ़ गया। अब 9 सितंबर को बर्मिंघम में शुरू होने वाले आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान के सामने 3-0 से क्लीन स्वीप का खतरा है, जबकि बाबर पर एक बार फिर उम्मीदों का बोझ होगा क्योंकि वह अपने आलोचकों का मुंह बंद करने की कोशिश करेंगे।