शिमकेंट : युवा भारतीय निशानेबाज मानिनी कौशिक ने शुक्रवार को यहां एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में महिलाओं की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल करने के साथ ही टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने में भी अहम भूमिका निभाई। मानिनी का व्यक्तिगत स्पर्धा में यह पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है।
जयपुर की 24 साल की इस निशानेबाज ने 617.8 के स्कोर के साथ व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। दक्षिण कोरिया की हाना इम (620.2) और यूनसेओ ली (620.2) ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते। मानिनी ने प्रतियोगिता में पांचवां स्थान हासिल किया था, लेकिन उनसे आगे रहने वाले दो निशानेबाज दक्षिण कोरिया की येलीन चोई (620.1) और भारत की सिफ्त कौर सामरा (617.9) सिर्फ रैंकिंग अंक (आरपीओ) के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।
आरपीओ निशानेबाज केवल अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग अंक के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। मानिनी ने 10-10 शॉट के छह सीरीज में 104.0, 103.8, 101.2, 103.3, 103.2 और 102.3 का स्कोर किया। उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन(गैर-ओलंपिक स्पर्धा) में टीम को रजत पदक दिलाने में भी मदद की। मानिनी (617.8), सुरभि भारद्वाज (614.4) और विनोद विदर्सा (613.8) की तिकड़ी ने कुल 1846 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया (1856.8 अंक) ने स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाकिस्तान 1828.2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भारत की प्राची गायकवाड़ ने 616.6 के स्कोर के साथ जूनियर महिला 50 मीटर राइफल प्रोन में रजत पदक जीता। स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया की सेही ओह (618.6) ने जीता, जबकि कांस्य कजाकिस्तान की सोफिया मलकिना (616.3) को मिला। प्राची (616.6), अनुष्का ठोकुर (607.6) और तेजल नथावत (599.2) की तिकड़ी ने कुल 1823.4 के साथ टीम कांस्य पदक जीता। दक्षिण कोरिया (1844 अंक) के साथ ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान (1830.1) ने रजत पदक अपने नाम किया।