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मुंबई : सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन को इंडियन प्रीमियर लीग के दो सत्र में मुंबई इंडियंस के 28 मैच के दौरान एक बार भी खेलने का मौका नहीं मिला और इस पूर्व महान क्रिकेटर ने इस उभरते हुए ऑलराउंडर से कहा है कि उनके लिए राह चुनौतीपूर्ण होने वाली है और उन्हें कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी।मुंबई इंडियंस से जुड़े हुए सचिन तेंदुलकर ने साथ ही स्पष्ट किया कि वह चयन मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के बल्लेबाज अर्जुन को पांच बार के आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस ने अपने साथ जोड़ा था लेकिन इस लुभावनी लीग के दो सत्र में उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। 

सचिन से जब यह पूछा गया कि क्या वह इस साल अर्जुन को खेलते हुए देखना पसंद करते तो उन्होंने कहा कि यह अलग सवाल है। मैं क्या सोच रहा हूं या मैं क्या महसूस कर रहा हूं यह महत्वपूर्ण नहीं है। सत्र खत्म हो चुका है। कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले तेंदुलकर ने कहा और अर्जुन के साथ हमेशा मेरी यही बात होती है कि डगर चुनौतीपूर्ण होगी, यह मुश्किल होगी। तुमने क्रिकेट खेलना शुरू किया क्योंकि तुम्हें क्रिकेट से प्यार है, ऐसा करना जारी रखो, कड़ी मेहनत जारी रखो और नतीजे मिलेंगे।

200 टेस्ट खेलने वाले एकमात्र क्रिकेटर तेंदुलकर ने कहा कि जहां तक चयन का सवाल है तो वह इसे टीम प्रबंधन पर छोड़ देते हैं। तेंदुलकर ने कहा कि अगर हम चयन के बारे में बात करते हैं तो मैं कभी स्वयं को चयन में शामिल नहीं करता। मैं ये सारी चीजें टीम प्रबंधन पर छोड़ देता हूं क्योंकि मैंने हमेशा ऐसे ही काम किया है। 22 साल के अर्जुन ने अपने करियर में अब तक अपनी घरेलू टीम मुंबई की ओर से सिर्फ दो टी20 मुकाबले खेले हैं।  

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