नई दिल्ली : दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन ने भी कई अन्य खिलाड़ियों की तरह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि इससे खेल का कौशल काफी हद तक खत्म हो रहा है। कई मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने इस नियम पर चिंता व्यक्त की है जिसमें दिल्ली के अक्षर पटेल भी शामिल हैं। इस नियम से टीम मैच के दौरान किसी भी समय पांच खिलाड़ियों की सूची में से एक खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल किसी अन्य खिलाड़ी की जगह मैदान पर उतार सकते हैं।
कुछ खिलाड़ी इस नियम को ऑलराउंडर के विकास में बाधा मानते हैं जबकि कुछ का मानना है कि इससे खेल का पलड़ा बल्लेबाजों के पक्ष में झुक जाता है क्योंकि टीमें अब आठवें नंबर पर एक अतिरिक्त बल्लेबाज होने के कारण शुरू से लेकर आखिर तक आक्रामक अंदाज में खेल सकती हैं। जैमीसन ने गुजरात टाइटन्स और दिल्ली कैपिटल्स के मैच से पहले यहां पत्रकारों से कहा, 'निजी तौर पर मैं इस नियम का समर्थक नहीं हूं। मुझे लगता है कि इससे खेल में कौशल का महत्व काफी हद तक कम हो जाता है।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर आप नौवें या दसवें नंबर तक बल्लेबाज रख सकते हैं तो फिर आपको उस तरह के बल्लेबाजी कौशल की जरूरत नहीं पड़ेगी जो शायद आपको पहले की तरह चाहिए होती थी।' भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने 2023 में यह नियम लागू किया था और यह 2027 तक बना रहेगा। इसके बाद इस नियम की समीक्षा की जाएगी। जैमीसन ने कहा, 'मुझे लगता है कि इसका असर ऑलराउंडर पर पड़ रहा है। इससे ऐसे खिलाड़ी प्रभावित हो रहे हैं जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सकते हैं और टीम को संतुलन प्रदान कर सकते हैं। इस नियम से खेल से इस कौशल का महत्व थोड़ा कम हो जाता है।'
न्यूजीलैंड के इस तेज गेंदबाज ने कहा कि आईपीएल के अलावा दुनिया की किसी भी बड़ी लीग में इम्पैक्ट प्लेयर नियम का उपयोग नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, 'दुनिया भर में या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको बहुत कम ही ऐसी जगहें देखने को मिलेंगी जहां इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लागू होता है। इसके पीछे कोई अच्छा कारण ही होगा।'
जैमीसन को दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से वर्तमान सत्र में अभी तक खेलने का मौका नहीं मिला है क्योंकि टीम केवल चार विदेशी खिलाड़ियों को मैदान में उतार सकती हैं। उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर हर कोई खेलना चाहता है। प्रत्येक खिलाड़ी इस टीम को मैच जिताने के लिए अपना योगदान देना चाहता है। लेकिन केवल चार विदेशी खिलाड़ी ही खेल सकते हैं और मेरे लिए यह क्रिकेटर के रूप में बेहतर बनने का समय है। इसके लिए आईपीएल से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता है।'