स्पोर्ट्स डेस्कः भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष इंदरजीत सिंह बिंद्रा का रविवार, 25 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट प्रशासन को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
सोमवार को होगा अंतिम संस्कार
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार,बिंद्रा का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर नई दिल्ली के लोधी श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके परिवार में पत्नी कमल बिंद्रा, बेटे अमर बिंद्रा और एक बेटी हैं।
चार दशक तक क्रिकेट प्रशासन में अहम भूमिका
इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने चार दशकों से अधिक समय तक क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें भारतीय क्रिकेट के आधुनिकीकरण और आर्थिक रूप से मजबूत ढांचा खड़ा करने का श्रेय दिया जाता है। वे लगभग 30 वर्षों तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के अध्यक्ष रहे। उनके लंबे कार्यकाल के दौरान पंजाब क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।
मोहाली स्टेडियम: बिंद्रा की सबसे बड़ी विरासत
मोहाली में स्थित देश के प्रमुख क्रिकेट मैदानों में से एक मोहाली क्रिकेट स्टेडियम को बिंद्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। आज यह स्टेडियम उनके नाम पर ‘आईएस बिंद्रा स्टेडियम’ के नाम से जाना जाता है। यह मैदान भारतीय क्रिकेट के कई ऐतिहासिक मुकाबलों का गवाह रहा है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का एक अहम केंद्र बन चुका है।
विश्व कप भारत लाने में निभाई बड़ी भूमिका
इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर 1987 और 1996 के क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी भारत को दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन दोनों विश्व कपों ने भारत को क्रिकेट प्रशासन में वैश्विक ताकत और आर्थिक रूप से मजबूत बोर्ड
के रूप में स्थापित किया।
आईसीसी और आईपीएल में भी अहम योगदान
बिंद्रा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में मुख्य सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के गठन और क्रिकेट के व्यावसायिक विस्तार में उनकी भूमिका बेहद अहम रही। टीवी अधिकारों और प्रसारण सौदों के जरिए क्रिकेट की कमाई बढ़ाने में उनका योगदान आज के आधुनिक क्रिकेट की नींव माना जाता है।
2014 में लिया था संन्यास
लगातार दशकों तक क्रिकेट को दिशा देने के बाद इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने 2014 में क्रिकेट प्रशासन से संन्यास ले लिया था।
भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद किए जाएंगे
इंदरजीत सिंह बिंद्रा का जाना भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक युग का अंत है। उनकी सोच, फैसले और दूरदृष्टि ने भारतीय क्रिकेट को पारंपरिक खेल से आधुनिक उद्योग में बदलने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय क्रिकेट जगत उन्हें एक दूरदर्शी प्रशासक और मजबूत स्तंभ के रूप में हमेशा याद करेगा।