Sports
चेन्नई, 10 अप्रैल (भाषा) कोविड-19 महामारी को देखते हुए लगी यात्रा पांबदियों के कारण हंगरी में अपने पिता के साथ फंसे भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी लियोन मेंडोंका लॉकडाउन के इस समय का इस्तेमाल शतरंज में कौशल निखारने के अलावा पढ़ाई करने में कर रहे हैं।

चौदह वर्ष का गोवा का यह अंतरराष्ट्रीय मास्टर टूर्नामेंट खेलने बुडापेस्ट गया था और 18 मार्च के बाद से वहीं पर फंसा है। 17 मार्च को उसने अपना अंतिम दौर खेला और अगले दिन रवाना होना था लेकिन भारत ने सभी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को बंद कर दिया था।


मेंडोंका ने हंगरी की राजधानी से पीटीआई से कहा, ‘‘हम अभी सुरक्षित हैं और बुडापेस्ट में एक अपार्टमेंट में हैं। हम इंतजार कर रहे हैं कि लॉकडाउन खत्म हो और हम भारत लौटें। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सुबह साढ़े सात बजे उठता हूं और प्रार्थना करने के बाद कुछ योग करता हूं ताकि फिट रह सकूं। मैं ध्यान भी लगता हूं। अपना समय स्कूल की पढ़ाई और शतरंज दोनों में लगाता हूं। ’’

मेंडोंका ने कहा, ‘‘इस समय घर पर रहकर सुरक्षित होना अहम है। हम घर पर ही रहते हैं, ज्यादा बाहर नहीं जाते। मेरे पापा हमारे लिये खाना बनाते हैं और बाजार से 10 दिन का सामना लेकर आ जाते हैं। मैं वही कर रहा हूं जो मैं सामान्य रूप से करता। मुझे ज्यादा फर्क नहीं महसूस हो रहा। ’’

हालांकि इस युवा ने स्वीकार किया कि उसे अपनी मां और बहन की कमी खल रही है लेकिन वह उनसे लगातार संपर्क बनाये है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।
.
.
.
.
.