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कराची : पाकिस्तान के मुख्य कोच और पूर्व कप्तान मिसबाह उल हक का मानना है कि अगर क्रिकेट का आयोजन जैविक रूप से सुरक्षित माहौल (बायो बबल) में जारी रहता है तो ‘पश्चिमी देशों' के खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की सामना करने की संभावना अधिक है। 

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अगस्त में इंग्लैंड दौरे के दौरान पाकिस्तान की टीम भी जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में खेली थी। कोरोना वायरस महामारी के बीच लगभग दो महीने चलने वाली इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन भी जैवक रूप से सुरक्षित माहौल में हो रहा है। मिसबाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि अभी क्रिकेट जिस तरह खेला जा रहा है अगर उसी तरह जारी रहता है तो हां, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों का मानसिक स्वास्थ्य समस्यों का सामना करना मुद्दा है। 

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जहां तक पाकिस्तान का सवाल है तो मुझे लगता है कि हमारे सामाजिक माहौल के कारण हमारे खिलाड़ी मानसिक रूप से काफी मजबूत हैं इसलिए वह इस दौर से निपट सकते हैं। लेकिन हां मेरा मानना है कि लंबे समय में पश्चिमी देशों के खिलाड़ियों और अधिकारियों को इस तरह की अधिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि उनकी संस्कृति हमारी संस्कृति से अलग है।

मिसबाह ने कहा कि पाकिस्तानी संस्कृति में सामाजिक आदान प्रदान अलग तरह का है जबकि पश्चिम देशों के लोग बाहर घूमने के आदी हैं। मुख्य कोच ने कहा कि इंग्लैंड दौरे पर पाबंदियों के साथ पृथकवास के हालात खिलाड़ियों के लिए काफी कड़े थे लेकिन क्रिकेट के नजरिए से इससे पाकिस्तानी खिलाड़ियों और अधिकारियों को काफी मदद मिली। 
 

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