न्यू यॉर्क , यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका ( निकलेश जैन ) अमेरिकी ग्रैंडमास्टर और पूर्व विश्व 960 शतरंज विजेता वेस्ली सो ने नई फ़ीडे फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैम्पियनशिप की संरचना और पारदर्शिता पर कड़ी आलोचना की है। सो ने कहा कि इस प्रतियोगिता में चयन प्रक्रिया सीमित और चयनात्मक है, जो ‘विश्व चैम्पियनशिप’ की भावना के अनुरूप नहीं है।
सो के अनुसार, फ़ीडे इस आयोजन को 2019 और 2022 की फ्रीस्टाइल प्रतियोगिताओं की निरंतरता बता रहा है, जबकि उन दोनों टूर्नामेंट्स के विजेता होने के बावजूद उन्हें और हिकारू नाकामुरा को आमंत्रण नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि मैगनस कार्लसन द्वारा शुरू किए गए फ्रीस्टाइल टूर में आमंत्रण व्यक्तिगत रूप से तय किए जाते हैं, जिसके कारण कई शीर्ष खिलाड़ी उसमें भाग नहीं लेते।
सो ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि आठ खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में सात को ‘हाथ से’ चुना जाता है और फिर उसे विश्व चैम्पियनशिप कहा जाता है। उनके अनुसार, यदि किसी टूर्नामेंट को विश्व चैम्पियनशिप का दर्जा दिया जाता है, तो सभी स्थानों के लिए खुली और निष्पक्ष क्वालिफिकेशन प्रणाली होनी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने फ्रीस्टाइल शतरंज को दर्शकों के लिए ‘आसान’ बताए जाने के दावे से भी असहमति जताई। सो का कहना है कि हर मुकाबले में अलग शुरुआती स्थिति होने से खेल को समझना कठिन हो जाता है, यहां तक कि अनुभवी शतरंज प्रेमियों के लिए भी।
अंत में, सो ने संकेत दिया कि आगे क्या होता है यह देखना होगा, लेकिन यह भी संभव है कि जर्मनी के वाइसेनहाउस में होने वाला अगला टूर्नामेंट फ्रीस्टाइल शतरंज का अंतिम बड़ा आयोजन साबित हो।