मुम्बई : दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इंपेक्ट प्लेयर नियम खत्म कर दिया जाना चाहिए। अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच होने वाले IPL 2026 फाइनल से एक रात पहले 21वीं सदी के महानतम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के लिए आयोजित एक पुरस्कार समारोह में तेंदुलकर ने कहा, 'मेरी व्यक्तिगत राय में कुछ चीजें हैं, जिनके बारे में मैं कहना चाहूंगा। मुझे लगता है कि इंपैक्ट प्लेयर नियम को हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि टी20 प्रारुप में आपको केवल 20 ओवर ही खेलने होते हैं और फिर आप बल्लेबाजी लाइन-अप में एक अतिरिक्त बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जब गेंदबाज पहले से ही बेहद चुनौती झेल रहे हैं, तो मुझे यह असंतुलन लगता है।'
2023 में शुरू किया गया इंपैक्ट प्लेयर नियम टीमों को यह अनुमति देता है कि वे अपनी एकादश में शामिल किसी एक खिलाड़ी को बाहर करके टॉस से पहले तय किए गए पांच खिलाड़ियों की सूची में से किसी एक को मैच के दौरान शामिल कर सकें। इस नियम की मुख्य आलोचना यह रही है कि इससे बल्लेबाज अधिक आजादी के साथ खेल सकते हैं और पिछले दो-तीन सीजन में रन गति और टीम स्कोर में बढ़ोतरी इसी का असर मानी जाती है।
21वीं सदी के महानतम बल्लेबाज चुने गए तेंदुलकर ने कहा, 'छह ओवर के पावरप्ले में, जहां फील्डिंग प्रतिबंध होते हैं, सिर्फ दो फील्डर ही 30 गज के घेरे के बाहर रह सकते हैं। पहले चार ओवर बल्लेबाजों का पावरप्ले हों, जिसमें यही नियम लागू रहे। उसके बाद बचे हुए दो पावरप्ले ओवर फील्डिंग कप्तान अपनी सुविधा के अनुसार मैच के किसी भी समय ले सके। उन लगातार दो ओवरों में भी उसे एक अतिरिक्त फील्डर घेरे के बाहर रखने की अनुमति मिले। इससे फील्डिंग करने वाली टीम मैच को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेगी।'
उनका आखिरी सुझाव था कि 'एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि आमतौर पर टीम का सबसे अच्छा गेंदबाज ही वह पांचवां ओवर करेगा। क्या आप उस सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को ज्यादा गेंदबाजी करते हुए नहीं देखना चाहेंगे। शीर्ष बल्लेबाज तो कई बार पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी करते हैं। फिर सबसे अच्छा गेंदबाज पांच ओवर क्यों नहीं फेंक सकता।'