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स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 13 फरवरी को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 23 रन से हराकर चौंका दिया। इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में रहे 6 फुट 8 इंच लंबे तेज गेंदबाज़ ब्लेसिंग मुजारबानी, जिनकी रफ्तार, उछाल और सटीकता ने कंगारू बल्लेबाज़ों को संभलने का मौका ही नहीं दिया। उनके घातक स्पेल ने मैच की दिशा ही बदल दी।

4/17 का जादुई स्पेल, बने प्लेयर ऑफ द मैच

मुजारबानी ने अपने चार ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 4 विकेट झटके, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना जा रहा है। उन्होंने जोश इंग्लिस, टिम डेविड, मैट रेनशॉ और एडम जाम्पा जैसे अहम खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। नई गेंद से आक्रामक लाइन-लेंथ और बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाज़ी ने ऑस्ट्रेलिया की रनगति पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया। इसी दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

क्या है मुजारबानी की खासियत?

मुजारबानी की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऊंचाई से मिलने वाली अतिरिक्त उछाल है। वह लगातार एक जैसी लेंथ पर गेंद डालते हैं, जिससे बल्लेबाज़ों के लिए शॉट खेलना जोखिम भरा हो जाता है। उनकी गेंदें पिच से तेजी से उठती हैं और सीम मूवमेंट भी देती हैं। यही कारण है कि तीनों फॉर्मेट—टेस्ट, वनडे और टी20—में वह जिम्बाब्वे के प्रमुख तेज गेंदबाज़ बन चुके हैं।

इंटरनेशनल करियर पर एक नजर

दिसंबर 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले मुजारबानी ने कम समय में खुद को टीम का मुख्य हथियार साबित किया। अब तक वह 18 टेस्ट, 57 वनडे और 85 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं।

टेस्ट में 26.20 की औसत से 67 विकेट
वनडे में 33.35 की औसत से 70 विकेट
टी20I में 21.08 की औसत और 7.10 की इकोनॉमी से 100 विकेट
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि वह सीमित ओवरों के साथ-साथ लंबी फॉर्मेट में भी प्रभावी रहे हैं।

IPL और फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अनुभव

मुजारबानी का नाम आईपीएल फ्रेंचाइजियों की नजरों में भी रहा है। पिछले सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें लुंगी एनगिडी के रिप्लेसमेंट के तौर पर 75 लाख रुपये में टीम से जोड़ा था। हालांकि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन दुनिया भर की टी20 लीग्स में खेलने का अनुभव उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है। यही ग्लोबल एक्सपोजर ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम के खिलाफ काम आया।

मैच का संक्षिप्त हाल

जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 169/2 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया और 170 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 19.3 ओवर में 146 रन पर ढेर हो गई। मुजारबानी की अगुवाई में गेंदबाज़ों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और दबाव बनाए रखा।

जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए बड़ा संदेश

मुजारबानी का यह प्रदर्शन सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि जिम्बाब्वे क्रिकेट की बढ़ती ताकत का संकेत है। उनकी रफ्तार और निरंतरता ने साबित किया कि बड़े मंच पर भी छोटे देश के खिलाड़ी बड़ा असर छोड़ सकते हैं। T20 वर्ल्ड कप 2026 में यह मुकाबला लंबे समय तक याद किया जाएगा और उसके केंद्र में रहेंगे ब्लेसिंग मुजारबानी।