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नई दिल्ली : दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मैच में आरोन फिंच को मैनकैडिंग आऊट नहीं किया। इसके बाद से यह नियम फिर से चर्चा में आ गया है। अश्विन ने ही बीते साल किंग्स इलेवन पंजाब का कप्तान होते हुए राजस्थान के बल्लेबाज जोस बटलर को इस ढंग से आऊट किया था। तब अश्विन का बहुत विरोध हुआ था। लेकिन अब ताजा खबर यह है कि अश्विन के पक्ष में पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर उतर आए हैं।

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अश्विन ने जब फिंच को मांकडिंग नहीं किया तो उस समय गावस्कर कॉमेंट्री बॉक्स में थे। उन्होंने कहा- अश्विन ने ब्राऊन फिंच की तैयारी की। अपने इस कमेंट पर विस्थार से चर्चा करते हुए गावस्कर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा- मांकडिंग वीनू मांकड नहीं बल्कि बिल ब्राऊन के कारण सामने आया। इसका नाम बिल ब्राऊन के नाम पर होना चाहिए था क्योंकि ब्राऊन ने ही नियम के ऊलट अपनी क्रीज छोड़ी थी। 

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गावस्कर ने चिंता जताई कि इस मामले को लेकर विदेश तो ठीक भारतीय मीडिया ने भी एक तरह से वीनू मांकडिंग की खेल भावना पर सवाल खड़ा कर दिया। वीनू मांकड़ इंडियन क्रिकेट के लीजैंड बल्लेबाज थे। उन्होंने भारत के लिए कई मैच जीते। लेकिन आप उन्हें किस लिए जानते हैं- खेल भावना से न खेलने वाले क्रिकेटर के रूप में। यह मुझे मंजूर नहीं है।

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गावस्कर बोले- मैं नहीं चाहता कि एक भारतीय लीजैंड का नाम छिन्न-भिन्न हो जाए। यह मुझे चकित करता है कि भारतीय मीडिया में इतने लोग उस शब्द का उपयोग क्यों करते हैं जैसे कि वे किसी भी भारतीय लीजैंड का कोई सम्मान नहीं करते। भारतीय होने के नाते पर हमें इसका उपयोग कम करना चाहिए। यही कारण है कि कल टेलीविजन पर मैंने कहा कि अश्विन ने उन्हें ब्राउन करने की कोशिश की। क्योंकि 1947 में बिल ब्राउन की गलती थी, न कि वीनू मांकड़ की।

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