राजकोट : भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में मिली सात विकेट की हार के बाद साफ शब्दों में टीम की कमियों को स्वीकार किया। 285 रन के लक्ष्य का बचाव करने में नाकाम रही भारतीय टीम को डैरिल मिचेल के शतक और विल यंग की दमदार पारी के सामने शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है और अब 18 जनवरी को निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा।
“मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं मिले, यहीं मैच फिसला” – शुभमन गिल
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कप्तान शुभमन गिल ने माना कि शुरुआती ओवरों में अच्छी गेंदबाजी के बावजूद टीम मिडिल ओवर्स में दबाव नहीं बना सकी। गिल ने कहा, 'हम मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं निकाल पाए। पांच फील्डर अंदर होने के बावजूद अगर आप बीच के ओवरों में विकेट नहीं लेते, तो काम बहुत मुश्किल हो जाता है। भले ही हम 15–20 रन और जोड़ लेते, लेकिन विकेट नहीं मिलने पर किसी सेट बल्लेबाज को रोकना आसान नहीं होता।'
“हमने बड़ा स्कोर नहीं बनाया, यह भी एक कारण रहा”
भारतीय कप्तान ने यह भी स्वीकार किया कि टीम निर्धारित 50 ओवरों में और बेहतर स्कोर खड़ा कर सकती थी। गिल ने आगे कहा, 'आखिर में हम एक मजबूत लक्ष्य बोर्ड पर नहीं लगा पाए। पहले 10 ओवरों में हमने शानदार गेंदबाजी की, लेकिन 20–25 ओवर के बाद विकेट थोड़ा आसान हो गया। हमें मिडिल ओवर्स में गेंदबाजी करते वक्त और साहसी होना चाहिए था।'
फील्डिंग में चूक पर भी जताई नाराजगी
शुभमन गिल ने फील्डिंग को भी हार की एक बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा, 'अगर आप मौके नहीं भुनाते हैं, तो इस फॉर्मेट में हार तय हो जाती है। हम फील्डिंग में लगातार बेहतर होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अहम मौकों पर चूक महंगी पड़ी।'
मिचेल–यंग की साझेदारी ने छीना मैच
न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन डैरिल मिचेल और विल यंग ने तीसरे विकेट के लिए 162 रन जोड़कर मैच पूरी तरह भारत से छीन लिया। मिचेल ने 117 गेंदों में नाबाद 131 रन बनाए और 96 गेंदों में अपना आठवां वनडे शतक पूरा किया। यंग ने 87 रन की अहम पारी खेली। अंत में ग्लेन फिलिप्स (32*) ने मिचेल के साथ मिलकर टीम को भारत में अब तक के सबसे बड़े सफल रन चेज तक पहुंचाया।
राहुल का शतक गया बेकार
इससे पहले भारत ने केएल राहुल (नाबाद 112) और शुभमन गिल (56) की पारियों की मदद से 7 विकेट पर 284 रन बनाए। हालांकि, राहुल की शानदार शतकीय पारी भी भारत को हार से नहीं बचा सकी। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव और हर्षित राणा को एक-एक सफलता मिली, लेकिन टीम निर्णायक साझेदारी तोड़ने में नाकाम रही।
निर्णायक मुकाबले के लिए तैयार दोनों टीमें
सीरीज अब 1-1 से बराबर है और 18 जनवरी को इंदौर में होने वाला तीसरा वनडे दोनों टीमों के लिए ‘करो या मरो’ का मुकाबला होगा।