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स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की दुनिया में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि समझदारी भरे निवेश की मिसाल भी बन गई है। Shane Warne, जिन्हें दुनिया एक महान स्पिनर के रूप में जानती है, उन्होंने 2008 में लिया गया एक फैसला आज उनके परिवार के लिए करोड़ों की दौलत में बदल दिया है। राजस्थान रॉयल्स की हालिया बिक्री के बाद यह खुलासा हुआ है कि वॉर्न के परिवार को करीब 450 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। यह पूरी कहानी IPL इतिहास की सबसे दिलचस्प फाइनेंशियल रणनीतियों में से एक मानी जा रही है। 

2008 में लिया गया मास्टरस्ट्रोक फैसला

जब Rajasthan Royals ने 2008 में Shane Warne को टीम का कप्तान बनाया, तब यह सिर्फ एक खिलाड़ी की नियुक्ति नहीं थी, बल्कि एक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत थी। वॉर्न ने अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक खास क्लॉज शामिल करवाया, जिसके तहत उन्हें हर सीजन खेलने के बदले 0.75% इक्विटी दी जानी थी, टीम के क्रिकेट ऑपरेशंस पर भी उनका पूरा नियंत्रण था। यह कदम उस समय असामान्य था, लेकिन आगे चलकर यही उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। 

4 साल में बढ़कर 3% हिस्सेदारी 

वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ चार सीजन खेले और हर साल उन्हें इक्विटी मिलती रही। 

कुल हिस्सेदारी: 3%
2008 में टीम को चैंपियन बनाने का कारनामा
यह वही सीज़न था जब एक अंडरडॉग टीम ने सभी को चौंकाते हुए खिताब जीता। 

1.63 बिलियन डॉलर की डील और बड़ा फायदा 

हाल ही में राजस्थान रॉयल्स को करीब 1.63 अरब डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये) में बेचा गया।
3% हिस्सेदारी की मौजूदा वैल्यू: 450–460 करोड़ रुपए
यह रकम वॉर्न के परिवार को मिलेगी 

IPL वैल्यू का जबरदस्त उछाल

दिलचस्प बात यह है कि 2008 में टीम सिर्फ 67 मिलियन डॉलर में खरीदी गई थी। आज इसकी कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। यह IPL के बढ़ते ब्रांड और ग्लोबल मार्केट वैल्यू को भी दर्शाता है।

सैलरी के साथ इक्विटी: परफेक्ट कॉम्बिनेशन

करीब 2.34 करोड़ रुपए प्रति सीज़न सैलरी
साथ में इक्विटी शेयर 
यह मॉडल आज के खिलाड़ियों के लिए एक सीख बन चुका है कि सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश भी कितना अहम होता है।

BCCI की मंजूरी के बाद मिलेगा लाभ

इस डील को पूरा होने के लिए BCCI की मंजूरी जरूरी होगी। IPL 2026 के बाद शेयर बेचे जा सकते हैं, इसके बाद ही परिवार को यह रकम मिलेगी।