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स्पोर्ट्स डेस्क : हर क्रिकेटर की सफलता के पीछे एक कहानी होती है, लेकिन Mangesh Yadav की कहानी संघर्ष, त्याग और अटूट विश्वास की मिसाल है। मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। पिता के कठिन परिश्रम और खुद की लगन के दम पर उन्होंने 5.2 करोड़ रुपये का IPL कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया। यह कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि सपनों के सच होने की है—जहां मुश्किलें भी हौसले के आगे झुक जाती हैं।

पिता का संघर्ष: सपनों के लिए हर कुर्बानी

मंगेश के पिता रामावध यादव पेशे से ट्रक ड्राइवर थे, और उनकी ज़िंदगी लगातार संघर्ष से भरी रही। दिन-रात मेहनत, कम समय में काम पूरा करने का दबाव, खाने-पीने और आराम का भी समय नहीं, बेटे के क्रिकेट सपने के लिए पैसों की चिंता के बीच उन्होंने कई बार अपनी जरूरतें त्यागकर बेटे की ट्रेनिंग के लिए पैसे जुटाए। यह त्याग ही मंगेश की सफलता की नींव बना।

छोटे आंगन से शुरू हुआ क्रिकेट सफर 

छिंदवाड़ा के बोरगांव में पले-बढ़े मंगेश ने बचपन में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा को सबसे पहले उनके चाचा ने पहचाना, जिन्होंने उन्हें बड़े मंच तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। दिल्ली जाकर कोच Phool Chand Sharma से ट्रेनिंग लेना उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ।

आर्थिक तंगी और संघर्ष के दिन

दिल्ली पहुंचने के बाद हालात आसान नहीं थे। पिता ने बड़ी मुश्किल से ₹24,000 दिए थे। पहले ही महीने पैसे खत्म हो गए जिसके बाद रहने और खाने की समस्या के बीच कोच ने मदद का हाथ बढ़ाया और उनकी हालत देखकर उन्हें अपने हॉस्टल में जगह दी, जिससे मंगेश का करियर पटरी पर लौट सका। 

मुश्किल वक्त और वापसी

एक समय ऐसा भी आया जब मंगेश का ध्यान भटक गया। लेकिन उनके कोच ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें घर भेजने की चेतावनी दी। यहीं से उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास हुआ और परिवार की मेहनत याद आई। इसके बाद अपने लक्ष्य को फिर से पहचाना और पूरी लगन से वापसी की। 

घरेलू क्रिकेट से IPL तक का सफर

मंगेश ने DDCA लीग और अन्य स्थानीय टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि कई बार सिलेक्शन के करीब पहुंचकर भी निराशा हाथ लगी। असली ब्रेकथ्रू मध्य प्रदेश T20 लीग में आया जहां उन्होंने 6 मैचों में 14 विकेट लिए और अपनी श्रमता दिखाई। इसके बाद उन्हें Rajat Patidar के साथ खेलने का मौका मिला और IPL फ्रेंचाइजी की नजरों में आए। 

RCB ट्रायल्स में चमका हुनर 

ट्रायल्स के दौरान Dinesh Karthik ने उनकी काबिलियत को परखा। अलग-अलग मैच परिस्थितियों में गेंदबाजी, नई गेंद से लेकर डेथ ओवर्स तक प्रदर्शन से मंगेश ने हर चुनौती को स्वीकार किया और अपनी जगह पक्की कर ली।

मेहनत का मिला इनाम

नीलामी में 5.2 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद मंगेश भावुक हो गए। उन्होंने अपने कोच और परिवार को इस सफलता का श्रेय दिया। उनके पिता ने गर्व से कहा कि समाज ने उन्हें कभी गलत समझा था लेकिन आज वही लोग उनकी सफलता की मिसाल दे रहे हैं।