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मुंबई : मुंबई इंडियंस (MI) के गेंदबाज रघु शर्मा ने अपने पहले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) विकेट को एक 'सपना सच होने जैसा' पल बताया। वानखेड़े स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स पर अपनी टीम की 6 विकेट की जीत के बाद उन्होंने इस बड़े मंच तक पहुंचने के अपने लंबे और भावुक सफर के बारे में खुलकर बात की। रघु ने इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में 4-0-36-1 का प्रदर्शन किया। इस मैच में मुंबई इंडियंस ने 229 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए 18.4 ओवर में जीत हासिल की। ​​रोहित शर्मा (84) और रयान रिकेल्टन (83) की शानदार पारियों की बदौलत टीम ने यह अहम जीत दर्ज की और प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी थोड़ी-बहुत उम्मीदों को जिंदा रखा।

रघु के लिए यह रात एक निजी उपलब्धि के नाम रही। सालों की लगन और मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें अपना पहला IPL विकेट मिल ही गया। उन्होंने X पर IPL द्वारा जारी एक वीडियो में कहा, 'मेरे लिए यह सपना सच होने जैसा है कि मुझे अपना पहला IPL विकेट मिला। सबसे पहले मैं अपने आध्यात्मिक गुरुदेव, श्री श्याम दास, और अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया। मैं अभी-अभी इस मंच पर आया हूं। मैंने मन में ठान रखा था कि अगर मुझे विकेट मिला, तो मैं जरूर उसे जाहिर करूंगा। मुंबई इंडियंस का बहुत-बहुत शुक्रिया, क्योंकि मेरे लिए ये 15 साल बहुत मुश्किल भरे रहे हैं।' 

रघु ने इस फ्रेंचाइजी को भी श्रेय दिया कि उन्होंने उनके पूरे सफर में उनका साथ दिया, जो कि पेशेवर क्रिकेट के आम रास्तों से बिल्कुल अलग था। उन्होंने कहा, 'मैं इस फ्रेंचाइजी का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मेरा साथ दिया, मुझ पर भरोसा किया और मेरा समर्थन किया। अब मैं उन्हें यह भरोसा दिला रहा हूं कि हां, मैं भी उनके लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।' 

अपने अनोखे सफर के बारे में बात करते हुए रघु ने बताया कि उन्होंने क्रिकेट खेलना देर से शुरू किया और उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें फिटनेस से जुड़ी परेशानियां और परिवार वालों के मन में उठने वाले सवाल शामिल थे। उन्होंने बताया, 'मैंने 21 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। उस समय तक मेरे लिए सभी एज-ग्रुप (उम्र-आधारित) क्रिकेट टूर्नामेंट खत्म हो चुके थे, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मेरा वजन करीब 102 किलो था और मैं फिट नहीं था, लेकिन मैंने कड़ी मेहनत की। जब मैंने धोनी सर को वह छक्का मारते देखा (2011 में), तो मुझे यह विश्वास हो गया कि मैं भी ऐसा कर सकता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पिता ने कहा था कि तुम ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि तुम उतने फिट नहीं हो, क्रिकेट तुम्हारे लिए नहीं है। लेकिन मैं अपने लक्ष्य पर डटा रहा और कड़ी मेहनत करता रहा।' 

रघु IPL 2025 में विग्नेश पुथुर की जगह टीम में आए थे, लेकिन उस सीजन में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने शनिवार को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ अपना डेब्यू किया, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि उम्र सिर्फ़ एक नंबर है। अगर आप IPL जैसे बड़े मंच के लिए खुद को तैयार करते हैं, तो आपको मेहनती और मानसिक रूप से बहुत मजबूत होना पड़ता है। इस स्तर पर कौशल से ज़्यादा परिपक्वता मायने रखती है।' अब जब उन्हें अपना पहला विकेट मिल चुका है, तो रघु इस सफलता को आगे बढ़ाना चाहेंगे और टीम के लिए और योगदान देना चाहेंगे, क्योंकि मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन में अपनी किस्मत पलटने की कोशिश कर रही है।