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नई दिल्ली: भारत की महान ट्रैक और फील्ड एथलीट पी टी उषा को खेल में उनके असाधारण योगदान कि लिये अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ के ‘वेटरन पिन ' के लिए मनोनीत किया गया है। भारत की सर्वश्रेष्ठ फर्राटा धाविकाओं में शुमार उषा को ‘उड़नपरी' भी कहा जाता है। उन्होंने 1985 जकार्ता एशियाई खेलों में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और चार गुणा 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीते थे। 

आईएएएफ के सीईओ जान रिजोन ने उषा को एक पत्र में बताया, ‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आपके क्षेत्र के संघ ने आपको आईएएएफ वेटरन पिन के लिये मनोनीत किया है जो विश्व एथलेटिक्स में बरसों से आपके योगदान के लिये है।' उन्होंने सितंबर में कतर में होने वाली आईएएएफ की 52वीं कांग्रेस में आने का उषा को न्यौता भी दिया। 

उषा 1984 लास एंजीलिस ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंची थी लेकिन सेकंड के सौवें हिस्से से कांस्य से चूक गई थी। उषा ने ट्वीट किया, ‘आईएएएफ वेटरन पिन। विश्व एथलेटिक्स में लंबे समय से योगदान के लिए  इस अतुलनीय सम्मान के लिये धन्यवाद आईएएएफ।' 

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