Photo Credit: Michal Walusza / Norway Chess
ओस्लो , नॉर्वे ( निकलेश जैन ) जो काम इससे पहले विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और डी गुकेश नहीं कर सके वह काम भारत के 21 वर्षीय आर प्रज्ञानन्दा नें कर दिखाया है , उन्होंने नॉर्वे शतरंज के आख़िरी राउंड में एक बेहद शानदार एंडगेम में जर्मनी के विंसेंट केमर को पराजित करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया । एक समय लगभग बराबर पर चल रहे एंडगेम में विंसेंट नें अपने राजा की और के प्यादे की एक ग़लत चाल से प्रज्ञानन्दा के घोड़े को उन पर हमला करने का मौका दे दिया और प्रज्ञानन्दा नें बिना समय गवायें अपने हाथी और घोड़े के तालमेल से खेल जीत लिया । प्रज्ञानन्दा की यह लगातार चौंथी क्लासिकल जीत रही और उनकी यह अंतर्राष्ट्रीय शतरंज में पिछले साल सुपरबेट क्लासिकल में जीत के बाद शानदार वापसी है , इस जीत से प्रज्ञानन्दा एक बार फिर अपनी रेटिंग को 2750 के पार ले जाते हुए विश्व टॉप 10 में जगह बनाने के करीब पहुँच गए है । प्रज्ञानंदा कुल 18 अंक बनाकर पहले स्थान पर रहे .

प्रज्ञानन्दा की इस जीत पर भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नें भी बधाई दी है . ‘
वहीं यूएसए के वेस्ली सो नें अंतिम दसवें राउंड में टाईब्रेक में फ्रांस के अलीरेजा फ़िरोज़ा को पराजित करते हुए 1.5 और हासिल किए और वह 17 अंक बनाकर दूसरे स्थान पर रहे , अलीरेजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे ।
एक अन्य बाजी जिस पर सबकी नजरे थी वह थी पाँच बार के विश्व चैंपियन मैगनस कार्लसन और भारत के वर्तमान विश्व चैंपियन डी गुकेश के बीच हुई बाजी जिसमें लंबे चले एंडगेम में कार्लसन जीत दर्ज करने में सफल रहे और इस जीत से वह 13 अंक बनाकर चौंथे स्थान पर रहे ,

गुकेश के लिए उनका निराशाजनक परिणाम क़ायम रहा है और वह अंक तालिका में आख़िरी स्थान पर रहे , गुकेश को इसी साल विश्व चैंपियनशिप में अपना खिताब बचाने के लिए उतरना है ऐसे में उनके प्रशंसक उनसे शतरंज ओलंपियाड में बड़ी वापसी की उम्मीद लगाएं बैठे है .

महिला वर्ग में कज़ाक्सितान की बिबीसारा असुबयेवा 16.5 अंकों के साथ पहले , चीन की जू जिनेर 16 अंकों के साथ दूसरे और यूक्रेन की अन्ना मुज़्यचुक 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही .