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स्पोर्ट्स डेस्क: न्यूज़ीलैंड के अनुभवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने साफ कर दिया है कि ब्लैक कैप्स की पूरी नजर फिलहाल भारत के खिलाफ होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज पर है, न कि अगले महीने शुरू होने वाले आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप पर। मिचेल ने स्वीकार किया कि भारत दौरे पर उन्हें विश्वस्तरीय भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने की चुनौती सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

भारत दौरे को लेकर पूरी तरह फोकस में कीवी टीम

7 जनवरी को न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के गोल्फ डे इवेंट के दौरान मीडिया से बातचीत में मिचेल ने कहा कि टीम का मंत्र “जहां पैर हैं, वहीं ध्यान” रखना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनका पूरा फोकस भारत के खिलाफ वनडे सीरीज पर है, न कि टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर।

मिचेल ने कहा, 'टी20 वर्ल्ड कप अभी एक महीने दूर है। फिलहाल हमारी चिंता भारत के खिलाफ वनडे सीरीज है। उनके पास जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे बेहतरीन गेंदबाज हैं।'

11 जनवरी से शुरू होगी IND vs NZ व्हाइट-बॉल सीरीज

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच यह दौरा 11 जनवरी से शुरू होगा, जिसमें पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज होगी, जो भारत के अलग-अलग मैदानों पर आयोजित की जाएगी।

भारतीय टीम इस सीरीज में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी। हालांकि ये मुकाबले टी20 वर्ल्ड कप से पहले अहम तैयारी माने जा रहे हैं, लेकिन मिचेल ने साफ किया कि कीवी टीम इसे केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक अहम द्विपक्षीय सीरीज की तरह ही ले रही है।

बुमराह-चक्रवर्ती का नाम लेकर मिचेल ने जताई चिंता

डेरिल मिचेल ने भारतीय गेंदबाजी की तारीफ करते हुए माना कि बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे गेंदबाजों के खिलाफ खेलना आसान नहीं होगा। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि दोनों गेंदबाजों को वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बीसीसीआई ने यह फैसला उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए लिया है, क्योंकि वे टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

भारतीय परिस्थितियों में खेलना बड़ी चुनौती: मिचेल

मिचेल ने भारतीय पिचों को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि यहां की परिस्थितियों में ढलना विदेशी टीमों के लिए हमेशा मुश्किल रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि टर्न लेती पिचें कीवी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होंगी।

उन्होंने कहा, 'एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के तौर पर आपको दुनिया भर की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होता है। भारत में खेलना हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है। न्यूज़ीलैंड में हम ऐसी पिचों पर नहीं बढ़ते, लेकिन पिछले कुछ वर्षों के अनुभव और 2023 वनडे वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट से मिली सीख हमें मदद करेगी।'