Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पूर्व मालिक विजय माल्या ने सोशल मीडिया पर फ्रैंचाइज़ी की रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब उन्होंने RCB का अधिग्रहण किया था तो ज्यादातर लोग मुझ पर हंसते थे। आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम ने 1.78 बिलियन डॉलर (16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) में फ्रैंचाइजी का अधिग्रहण पूरा किया। 

इस कंसोर्टियम में ब्लैकस्टोन, अमेरिका स्थित निवेशक डेविड ब्लिट्जर की बोल्ट वेंचर्स और टाइम्स ऑफ इंडिया भी शामिल हैं। इस सौदे ने RCB को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास की सबसे महंगी फ्रैंचाइजी बना दिया। माल्या ने RCB फ्रैंचाइजी को 450 करोड़ रुपए में खरीदा था और अब इस इनवेस्टमेंट को करीब 16,000 बन गई।

माल्या ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, 'मैं RCB के नए मालिकों को दिल से बधाई देना चाहूंगा। मैं उन्हें इस सबसे कीमती IPL फ्रैंचाइजी के साथ सफलता और शुभकामनाएं देता हूं। जब मैंने 2008 में 450 करोड़ रुपये में यह फ्रैंचाइजी खरीदी थी, तो ज्यादातर लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया था और मेरे निवेश की आलोचना करते हुए इसे एक 'दिखावटी प्रोजेक्ट' बताया था। मेरे इस 'पागलपन' के पीछे रॉयल चैलेंज ब्रांड को खड़ा करने का मकसद था और इसीलिए मैंने फ्रैंचाइजी का नाम RCB रखा।' 

उन्होंने आगे लिखा, 'यह देखकर बहुत संतोष होता है कि मेरा 450 करोड़ रुपये का निवेश बढ़कर 16,500 करोड़ रुपए हो गया है। RCB हमेशा मेरे DNA का हिस्सा रहेगी, जिसमें कई यादगार पल शामिल हैं जैसे कि युवा विराट कोहली को टीम में चुनना, जो अब दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। RCB के उन सभी प्रशंसकों का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जो मेरे कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी टीम से जुड़े रहे, कृपया RCB - 'बेंगलुरु के शेर' - को अपना समर्थन देते रहें। नमस्कार।' 

गौर हो कि RCB ने पिछले साल पहली बार IPL का खिताब अपने नाम किया था और अब टीम 28 मार्च अपने अभियान की शुरुआत सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ करेगा जिसमें टीम का एक मकसद ट्रॉफी को बरकरार रखना रहेगा।