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नई दिल्ली : पहलवान विनेश फोगाट को अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने 18 दिसंबर 2025 को प्रतियोगिता से इतर हुए डोपिंग परीक्षण के लिए मौजूद नहीं रहने के मामले में नोटिस भेजा है। पिछले 12 महीनों में यह पहली बार है जब उन्होंने रहने के स्थान संबंधी नियम का उल्लंघन किया है। चार मई 2026 को भेजे गए पत्र में आईटीए ने विनेश को बताया कि 19 जनवरी 2026 को उनके द्वारा दी गई सफाई की समीक्षा करने के बाद छूटे हुए परीक्षण को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड कर लिया गया है। 

इस नोटिस में पांच जनवरी 2026 को भेजे गए एक पिछले पत्र का भी जिक्र है जिसमें परीक्षण के लिए मौजूद नहीं रहने की बात उठाई गई थी और विनेश से इस पर जवाब मांगा गया था। यह नोटिस डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाता लेकिन यह रहने के स्थान संबंधी नियम के तहत एक चेतावनी के तौर पर दिया जाता है। इस नियम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी हर समय अचानक होने वाले डोपिंग परीक्षण के लिए उपलब्ध रहें। 

यूनाइटेड विश्व रेस्लिंग (UWW) और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार एक साल के भीतर तीन बार परीक्षण के लिए मौजूद नहीं रहने और/या अपने रहने के स्थान की जानकारी देने में चूक होने पर इसे डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसा होने पर खिलाड़ी पर दो साल तक का प्रतिबंध लग सकता है। आईटीए ने बताया कि यह घटना 18 दिसंबर 2025 को हुई थी। उस दिन एक डोपिंग नियंत्रण अधिकारी (DCO) विनेश के लिए तय किए गए 60 मिनट के परीक्षण समय के दौरान उन्हें उनके बताए गए स्थान पर नहीं ढूंढ पाया था। 

डोपिंग रोधी नियमों के तहत 'पंजीकृत परीक्षण पूल' (RTP) में शामिल खिलाड़ियों को हर दिन सुबह छह बजे से रात 11 बजे के बीच एक घंटे का ऐसा समय बताना होता है जिस दौरान वे बिना किसी पूर्व सूचना के होने वाले डोपिंग परीक्षण के लिए उपलब्ध रहें। ITA ने हालांकि माना कि उस दिन विनेश हरियाणा विधानसभा के पहले शीतकालीन सत्र में हिस्सा ले रही थीं। वह बेंगलुरु से चंडीगढ़ गई थीं जिससे उनका नियमित रूटीन बिगड़ गया था। एजेंसी ने यह भी ध्यान में रखा कि हाल ही में उनके घर बच्चा हुआ था जिससे उनकी निजी जिम्मेदारियां और बढ़ गई थीं। 

परीक्षण के दौरान विनेश ने कथित तौर पर पूरा सहयोग किया और डीसीओ को बताया कि वह बैठकों के सिलसिले में चंडीगढ़ में मौजूद हैं। हालांकि आईटीए ने यह फैसला दिया कि अपना कार्यक्रम बदलने के बावजूद विनेश समय पर अपने रहने के स्थान को अपडेट करने में नाकाम रहीं। इसमें बताया गया कि खिलाड़ियों को किसी भी बदलाव के बाद 'जितनी जल्दी हो सके' अपनी जानकारी अपडेट करनी होती है और किसी भी हाल में तय 60 मिनट के समय से पहले। एजेंसी ने कहा कि विनेश ने 18 दिसंबर को या उससे पहले अपने स्थान को बदलने के लिए एसएमएस, ईमेल या मोबाइल ऐप जैसे दूसरे तरीकों का इस्तेमाल नहीं किया। 

नोटिस में कहा गया, 'ऊपर बताई गई बातों को देखते हुए ITA का मानना ​​है कि आप यह साबित नहीं कर पाईं कि आपकी तरफ से इस चूक में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हुई या इसमें आपकी कोई भूमिका नहीं थी।' आखिर में यह फैसला सुनाया गया कि इस छूटे हुए परीक्षण को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। ITA ने साफ किया कि 12 महीने के अंदर विनेश के साथ स्थान की जानकारी नहीं देने का यह पहला मामला है। विनेश को 4 मई से सात दिन का समय दिया गया है कि अगर उन्हें लगता है कि यह परीक्षण उनकी लापरवाही की वजह से नहीं छूटा था तो वह इस फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील कर सकती हैं। अगर वह ऐसा नहीं करतीं तो यह फैसला आखिरी माना जाएगा। 

यह घटनाक्रम विनेश के उस ऐलान के कुछ महीनों बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने दिसंबर 2025 में प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की बात कही थी। इससे पहले 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद उन्होंने संन्यास ले लिया था। पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में अधिक वजन होने की वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने आरटीपी में दोबारा पंजीकरण करवाया। यह एक ऐसा ग्रुप है जो खास तौर पर उन बेहतरीन खिलाड़ियों के लिए बनाया गया है जिन्हें प्रतियोगिता से बाहर भी सख्त डोपिंग परीक्षण से गुजरना पड़ता है। 

गोंडा में होने वाला नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट विनेश की वापसी का पहला टूर्नामेंट है। उन्होंने डब्ल्यूएफआई पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक रहा है। बाद में उन्हें यह भी डर सताने लगा था कि कहीं रेफरी उनके साथ भेदभाव नहीं करें। डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने इस ओलंपियन को सुरक्षा और मुकाबले में हिस्सा लेने का पूरा-पूरा मौका देने का भरोसा दिलाया। आईटीए वह संस्था है जो ओलंपिक और दुनिया की दूसरी बड़ी खेल प्रतियोगिताओं में डोपिंग रोधी कार्यक्रमों का संचालन करती है। लुसाने में स्थित आईटीए लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के डोपिंग रोधी कार्यक्रमों का भी संचालन करती है।